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राजभाषा आयोग के कार्यालय स्थापना दिवस पर सम्मानित हुए गणेश यदु

(मनोज जायसवाल)
-बस्तर संभाग के प्रथम लोककला मंच ‘चंगोरा’ के संचालक है,गणेश यदु।
रायपुर(सशक्त हस्ताक्षर)। छत्तीसगढ़ राजभाषा आयोग के कार्यालय स्थापना दिवस दिनांक 14 अगस्त 2025 को 18 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर छत्तीसगढ़ राजभाषा आयोग द्वारा कॉन्फ्रेंस हॉल न्यू सर्किट हाउस सिविल लाइन रायपुर में बृजमोहन अग्रवाल सांसद लोकसभा क्षेत्र रायपुर के मुख्य आतिथ्य में तथा पुरंदर मिश्रा, सुनील सोनी, पद्मश्री अनुज शर्मा, मोतीलाल साहू माननीय विधायकों की पावन उपस्थिति में विभिन्न कार्यक्रम सम्पन्न हुआ।

स्वागत भाषण एवं अतिथि सम्मान विवेक आचार्य, संचालक राजभाषा आयोग, डॉ अभिलाषा बेहार, सचिव, राजभाषा आयोग ने किया। प्रथम सत्र में छत्तीसगढ़ी साहित्य की दीर्घकालीन सेवा करने वाले 06 छत्तीसगढ़ी लेखकों, कवियों एवं साहित्यकारों को छत्तीसगढ़ी साहित्यकार सम्मान से सम्मानित किया गया एवं 10 साहित्यकारों की पुस्तकों का विमोचन किया गया।

सम्मानित विभूतियों में कांकेर जिला के  गणेश यदु, वरिष्ठ साहित्यकार, छत्तीसगढ़ी लोक साहित्य, लोक संस्कृति, लोक कला मंच के उत्थान, संरक्षण, संवर्धन एवं दीर्घकालीन साहित्य साधना हेतु प्रतीक चिह्न, सम्मान पत्र एवं अंग वस्त्र भेंट कर सम्मानित किया गया। संबलपुर निवासी गणेश यदु की रचनाओं का प्रसारण दूरदर्शन एवं आकाशवाणी केंद्रों से निरंतर होता रहता है। अनेक राष्ट्रीय एवं राज्य स्तरीय सम्मान से सम्मानित गणेश यदु बस्तर संभाग के प्रथम लोक कला मंच चंगोरा के संचालक है, जिनके माध्यम से समाज को दशा एवं दिशा दिखाने का कार्य लोक मंच बखूबी निभाते आई है। दृश्य कला के कुशल जानकार होने के साथ साथ अपने शिक्षकीय कर्तव्यों के निर्वहन करते हुए सैकड़ों शिष्यों को स्थापित करने का भगीरथ प्रयास किये हैं।

द्वितीय सत्र में पुरखा के सुरता स्मृति शेष डॉक्टर सुरेंद्र दुबे के व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर समीक्षा डॉ. विनय पाठक, पूर्व अध्यक्ष, छत्तीसगढ़ राज भाषा आयोग, अरुण निगम, श्रीमती सरला शर्मा, डॉ सुधीर शर्मा एवं रामेश्वर वैष्णव ने सभा के समक्ष रखे। सत्रों का संचालन विजय मिश्रा ने किया।तृतीय सत्र भव्य कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया जिसमें राज्य भर से आये कवियों द्वारा काव्य पाठ किया गया। कांकेर जिले के जिला समन्वयक प्रदीप पांडे, रिजेन्द्र गंजीर, अशोक यादव द्वारा छत्तीसगढ़ी में कविता प्रस्तुत कर सबका मन मोह लिये। गणेश यदु का सम्मान केवल व्यक्तिगत नहीं वरन पूरे जिले का सम्मान है, उनके इस उपलब्धि पर राष्ट्रीय कवि संगम, छत्तीसगढ़ी साहित्य समिति, संगत साहित्य परिषद, धर्म जागृति सेवा समिति एवं परिवार के समस्त सदस्यों द्वारा शुभकामनाएं संप्रेषित किया गया।

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