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दशहरा मंच अरौद में आरू‚आराध्य दो नन्हीं कलाकारों का आगमन

✍️मनोज जायसवाल
ऐतिहासिक अरौद दशहरा मंच पर आरू‚आराध्य दो नन्हीं कलाकारों का आगमन

वैसे तो कांकेर जिले का ऐतिहासिक अरौद दशहरा उत्सव पूरे प्रदेश में अपनी पहचान कायम रखे हुए है। इसी दशहरा मैदान के मंच पर प्रति वर्ष छत्तीसगढ की नामी सांस्कृतिक मंचों ने अपनी प्रस्तुतियां दी है। कला प्रतिभाओं की उर्वरा अरौद की धरा और यहां के मंच पर प्रस्तुति देने हर कलाकार उत्साहित होता है। रात्रिकालीन बेला में अपनी प्रस्तुति देने के बाद प्रत्येक मंचों ने ग्रामीणों को धन्यवाद ज्ञापित करना नहीं भूलते।

इसी दशहरा मैदान स्थित कला मंच पर आज 22 मार्च को तहसील साहू समाज नरहरपुर के अंतर्गत विकासखंड चारामा के ग्राम अरौद में मां कर्मा महोत्सव का आयोजन किया गया है,जहां इसके लिए एक दिन पूर्व ही मंच सजाया गया है। कांकेर जिले के तमाम जनप्रतिनिधी सफल आयोजन का आनंद लेते गवाही बनेंगे। नन्हीं गायिका आरू साहू का जहां सम्मान किया जायेगा वहीं रात्रिकालीन बेला में आराध्य साहू द्वारा 8 से 10 बजे तक पंडवानी गायन किया जायेगा। आप भी समाज के इन नन्हीं प्रतिभाओं को देखना सुनना चाहते हैं,तो सादर आत्मीय स्वागत है।

कौन हैं, आरू साहू

-छत्तीसगढ के धमतरी जिले की बहुत कम उम्र से उभरती लोक गायिका हैं,आरू साहू। छत्तीसगढ राजगीत अरपा पैरी के गायन के साथ ही अन्य विधाओं में सुरीली एवं ओजपूर्ण आवाज के चलते प्रदेश में अपना पहचान बनाने में सफल हो रही है। छत्तीसगढी संगीत के सुवा,ददरिया,करमा,पडवानी,भरथरी सहित अनेक विधाओं में वह गायन कर रही है। अब तक उन्हें कई मंचों पर सम्मानित किया जा चुका है। वर्ष 2022 में छठ गीत के चलते कुछ विवादों में भी आई, जहां दूसरे प्रदेश के गीतों को प्रमोट किये जाने का आरोप लगाया गया। एक पार्टी विशेष द्वारा सोशल मीडिया पर बायकाट चलाया गया। हालांकि बहुत जल्द इसे सुलझा लिया गया था। इसके बाद निरंतर कई बडे मंचों पर गायन कर रही है।

साहू समाज की नन्हीं बेटी पर सबको नाज है। आरू की उपस्थिति मात्र कला प्रेमियों के चेहरे पर मुस्कुराहट ला देती है।

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”बाल पंडवानी गायिका आराध्य साहू आज 22 मार्च को देंगी प्रस्तुति
—वैसे तो छत्तीसगढ कला जगत में बालपन से प्रतिभाओं की कमी नहीं है, छत्तीसगढ के गांव कला की उर्वरा धरा रही है। आज कल छत्तीसगढ की महती पंडवानी विधा में नन्हीं प्रतिभा अराध्य साहू का नाम लोगों की जुबां पर है। धमतरी जिले के कुरूद तहसील के सिघौरी खुर्द की स्थायी निवासी यह प्रतिभा छत्तीसगढ की लोक संस्कृति को बढावा देने वाली मुख्य कलाकारों में आराध्य साहू का नाम भी पहले पहल है,जिन्होंने महज 03 वर्ष की आयु में अपनी मधुर कंठ से महाभारत की कथा को पंडवानी के माध्यम से छत्तीसगढी बोली भाषा में अपनी अपनी परंपराओं के अनुसार सुना कर प्रस्तुति दे रही है,जिसे सुनने लोग कायल होते हैं। 11 वर्ष की आयु में तकरीबन 150 मंचों में   लाईव स्टेज शो  दे चुकी है, उन्हें गायन में उनकी दादी,मां,पापा,चाचा,मामा का पूरा सहयोग मिलता है,वे उन्हें पूरी तरह प्रोत्साहित करते हैं। इस समय छत्तीसगढ में बाल पंडवानी गायिका के रूप में  ”मोर धरोहर” के नाम   उन्हें शोहरत मिल रही है। आराध्य साहू कल 22 मार्च को कांकेर जिले के ऐतिहासिक दशहरा अरौद(चारामा)मैदान में तहसील साहू समाज, नरहरपुर द्वारा आयोजित मां कर्मा महोत्सव में प्रस्तुति देनेे आ रही है। यह आयोजन रात्रि 8 बजे से 10 बजे तक होगा। इस आयोजन में दिन के कार्यक्रम के दौरान साहू समाज की ही नन्हीं बेटी बाल गायिका आरू साहू भी आ रही है।
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