‘आईये कांकेर‚ स्वर्ग की सैर करें’ श्री मनाेज जायसवाल संपादक सशक्त हस्ताक्षर छत्तीसगढ
राजधानी रायपुर से महज 140 किमी पर बसे आपके सपनों का शहर “कांकेर” में स्वागत है। भले ही आप कांक्रीट के बने जंगलों को “विकास” का नाम देकर गर्व कीजिए। भले ही आप इस क्षेत्र को बस्तरिया का नाम लगाकर…
“वट सावित्री अमावस्या” प्रकृति संरक्षण के वचन का दिन भी मनाेज जायसवाल संपादक सशक्त हस्ताक्षर छ.ग.
भारतीय सनातन धर्म में वट सावित्री अमावस्या का महिलाओं के लिए काफी महत्वपुर्ण है।ज्येष्ठ शुक्ल त्रयोदशी से पूर्णिमा तथा अमावस्या तक करने वाले विधान में सौभाग्यवती महिलाओं के साथ ही आज इसे सभी करती है। सौभाग्यवती महिलाओं के लिए पति…
बंधे थे, ‘पाणिग्रहण’ संस्कार में श्री मनोज जायसवाल संपादक सशक्त हस्ताक्षर छ.ग.
हिंदु धर्म में विवाह एक पवित्र संस्कार होता है। विवाह के ही संस्कारों में पाणिग्रहण मुख्य होता है,जिसमें वर के कंधे पर पड़े सफेद दुपट्टे मे वधु की साड़ी का पल्लू बांध दिया जाता है,इसे ही गठबंधन कहा जाता है।…
‘शैली ही व्यक्तित्व है’अनिल कुमार मौर्य ‘अनल’ शिक्षक साहित्यकार कांकेर छ.ग.
साहित्यकार परिचय-अनिल कुमार मौर्य ‘अनल’ जन्म- 22 मई 1980 जन्म स्थान,संजय नगर,कांकेर छत्तीसगढ माता/पिता – फूलचंद माैर्य श्रीमती राेवती मौर्य, पत्नी-श्रीमती दीप्ति मौर्य, पुत्र-संस्कार,पुत्री-जिज्ञासा मौर्य शिक्षा- एमए(हिंदी) इतिहास एवं सन! 2019 में विश्व विद्यालय जगदलपुर द्वारा मास्टर आफ आर्ट की…
‘पराये की याद दिलाती,बैग’ मनोज जायसवाल संपादक सशक्त हस्ताक्षर छत्तीसगढ
विवाह पूर्व बिना थैला लिए हीरो बन कर घुमने वाला ‘पुरूष’ विवाह के दूसरे दिन से थैला रखना सीख जाता है। गृहस्थी संचालन के लिए हमेशा दुनिया से संचालन की वस्तुएं लाने की जद्दोजहद करता हुआ आदत में शुमार हो…
‘लेखन विनम्रता लाती है,घमंड नहीं’ श्री मनोज जायसवाल संपादक सशक्त हस्ताक्षर छत्तीसगढ़
”जाने कौन सी मुलाकात अंतिम रहे हों ” किसी इंसान के असमय चले जाने के बाद निश्चित रूप से ऐसा लगता है कि पिछली दफा मुलाकात की थी,काश भौतिक रूप से और मुलाकात हुई होती तो कुछ और बात किए…
साहित्यकार परिचय-अनिल कुमार मौर्य ‘अनल’ जन्म- 22 मई 1980 जन्म स्थान,संजय नगर,कांकेर छत्तीसगढ माता/पिता – फूलचंद माैर्य श्रीमती राेवती मौर्य, पत्नी-श्रीमती दीप्ति मौर्य, पुत्र-संस्कार,पुत्री–जिज्ञासा मौर्य शिक्षा- एमए(हिंदी) इतिहास एवं सन! 2019 में विश्व विद्यालय जगदलपुर द्वारा मास्टर आफ आर्ट की…
‘मातृत्व अवकाश न लेकर डटी रही शिक्षिका’ श्री मनाेज जायसवाल संपादक सशक्त हस्ताक्षर छत्तीसगढ़
– गर्भवती शिक्षिका ने आठवें महीने तक अरौद से लखनपुरी स्कूली से आवाजाही करते नौवें महीने तक कार से आवाजाही करते स्कूल अवकाश की घोषणा के दिन तक कर्तव्य में डटी रही। क्षेत्र में इनके कार्य के प्रति निष्ठा को…
छत्तीसगढ़ में बोरे बासी तब और अब… श्री मनोज जायसवाल, संपादक सशक्त हस्ताक्षर छत्तीसगढ़
अपनी संस्कृति और सभ्यता किसे प्रिय नहीं है? जब संस्कृति और सभ्यता की बात की ही जा रही है तो छत्तीसगढ़ को कैसे भूला जा सकता है? जहां यहां के लोक जीवन में कला संस्कृति और समेटे साहित्य के ज्ञान…
‘बंटे हुए हैं, हम’ मनोज जायसवाल संपादक सशक्त हस्ताक्षर छत्तीसगढ़
कितने भक्तिभाव से कथा श्रवण करने के बावजूद कैसे हम हिन्दू महज 8 से 10 लोग भी संयुक्त परिवार के नाम नहीं रह पा रहे हैं। कैसे एक छोटे परिवार के बावजूद शादी होते ही बेटे को बंटवारा दे दिया…






















