कविता

”गाथा, शब्द और अभिव्यक्ति की” डॉ. अचल भारती वरिष्ठ साहित्यकार बांका,बिहार

  ”गाथा, शब्द और अभिव्यक्ति की”   डाॅं.अचल भारती कल तक शब्द कैद था घुप्प अंधेरे में डाल दिया गया था भूत की तंग कोठरी में पहुॅंचा दिया गया था जल्लाद के बूचड़ खाने तक सॅंजा दिया गया था मठाधीशों…

”जय सद् गुरू” श्रीमती रानी शर्मा समाजसेविका कांकेर छ.ग.

”जय सद् गुरू” तन थका, मन हारा था। चहुँ ओर घोर निराशा था।   तब,जय सद् गुरू  ने संभाला था जीवन में खुशियों का फूल खिलाया था।   सद् गुरू सूर्य समान। ज्ञान का उजास भरे।   सूर्य जग सारा…

”साफ आईने की तस्वीर” डाॅं.अचल भारती वरिष्ठ साहित्यकार कवि बांका,बिहार

”साफ आईने की तस्वीर” तुम्हारे खून में समाई गुलामी ने तुम्हें सबकुछ सह लेने को मजबूर किया है और तूने अपनी नियति पर जैसे कुछ न करने की कसमें खा ली है ‘ देखना मना है ‘ तख्त के पीछे…

”वे ठहरे लोग” डॉ. अचल भारती वरिष्ठ साहित्यकार कवि बांका बिहार

वे ठहरे लोग वे ठहरे लोग चेहरे जिनके बोलते हैं क्ई एक हार की कहानी   जहाॅं जीवन उनका एकदम छोटा पड़ गया है ग्लोव को ही   सम्पूर्ण भूगोल मानकर आस्था भी उनकी हम सबसे अलग संघर्ष व संवेग…

”रंगमंच की नियति” डाॅं. अचल भारती वरिष्ठ साहित्यकार,बांका(बिहार)

ढकोसला जारी है आठ- आठ आंसू रोने के आरोप- प्रत्यारोप का बाजार है गर्म मसीहा कहलाने को पग – पग हो रहा मंत्रोचार हर आंच की प्रतिक्रिया में उबल रहा ठन्डा पानी शासनाधिकार की लिप्सा में खण्ड- खण्ड होता भूगोल…

”मुलाकात”मीरा आर्ची चौहान शिक्षिका साहित्यकार कांकेर छ.ग.

साहित्यकार परिचय- मीरा आर्ची चौहान जन्मतिथि-07/05/1972 बरदेभाटा,कांकेर माता-पिता- श्री दरबारी राम आर्ची,श्रीमती मंगल आर्ची शिक्षा-एम.एस-सी( रसायन) एम. ए.(हिन्दी,अंग्रेजी,लोक प्रशासन),बी. एड.,आयुर्वेद रत्न प्रकाशन- स्वतंत्र लेखन,कविता,कहानी,लघुकथा,नाटक, प्रकाशित कृति-अंशु (काव्य संग्रह) सांझा संकलन-1.नव्या 2.छग के छत्तीस रत्न, 3.सरस्वती, 4.प्रकृति, 5.नव लोकांचल गीत, 6.काव्य…

रक्तरंजित सूरज! डॉं. अचल भारती वरिष्ठ साहित्यकार बांका(बिहार)

संसार के चबूतरे पर बैठ देखता हूं सुवह का सूरज   एक – एक बिन्दु जिसका रक्तरंजित मालूम पड़ता है वह किसी भेड़ – बकरे का रक्त नहीं है   वह रक्त है आदि – मनु के बेटे- बेटी का…

”अहंकार का प्रतिकार” श्री गजपति राम साहू वरिष्ठ साहित्यकार काेडेवां बालाेद छ.ग.

साहित्यकार परिचय-श्री गजपति राम साहू  जन्म- 16.06.1958ग्राम-कोड़ेवा(सिकोसा) तह.गुण्डरदेही,जिला-बालोद (छ.ग.) माता-पिता – स्व.गंगू राम साहू स्व.श्रीमती मथुरा बाई साहू पत्नी श्रीमती सुशीला साहू शिक्षा- बी.ए. प्रकाशन- काव्य संग्रह (हिन्दी) 1. ज्ञान सेतु,2. भक्ति सरोवर 3. नीति वाटिका काव्य संग्रह छत्तीसगढ़ी 1….

”मैं” श्रीमती रानी शर्मा समाजसेवी कांकेर छत्तीसगढ़

”मैं” मैं मुझको मैं में ढूंढा करती हूँ। कौन हूँ?क्या हूँ? खुद से पूछा करती हूँ। बिटिया हुई, सबने प्यार किया। जन्म लेते ही क्यों? बिटिया पराई कहलाई। सदा ही माँ-बाबूजी की परछाई रही। भाइयों की बहना पहचान हुई। सब…

‘सुख-दुख का अनुपात’ स्व. श्रीमती इन्दिरा परमार वरिष्ठ साहित्यकार धमतरी छ.ग.

साहित्यकार-परिचय -श्रीमती इन्दिरा परमार माता-पिता – जन्म – 14 नवम्बर 1942 ग्राम-छेलिया, जिला बरमपुर(उड़ीसा) शिक्षा – प्रकाशन – अच्छी आदतें और स्वास्थ्य, निदिया रानी, विभीन्न पत्र पत्रिकाओं में रचनाओं का नियमित प्रकाशन, बाल एवं प्रौढ़ साहित्य के लेखन में विशेष…

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