कविता

”नियति” श्री अनुपम जोफर शिक्षक साहित्यकार कांकेर छत्तीसगढ़

साहित्यकार परिचय- श्री अनुपम  जोफर जन्म- 18 अगस्त 1963 कांकेर छत्तीसगढ़ माता-पिता– स्व. नेलसन जोफर, श्रीमती पुष्पांजलि जोफर शिक्षा- एम.काम,एम.ए. हिन्दी,एलएलबी,बीएड,डीपीएड,पत्रकारिता पाठ्यक्रम,बी.लिब,एन.आर.एम.,पीजीडीसीए। प्रकाशन- कई संग्रह प्रकाशन हुआ है। सम्मान पुरस्कार – 1997 में जिला युवा पुरस्कार, नवोदित रचनाकार सम्मान,बेस्ट टीचर्स…

”झलक” मीरा आर्ची चौहान शिक्षिका साहित्यकार कांकेर छ.ग.

साहित्यकार परिचय- मीरा आर्ची चौहान जन्मतिथि-07/05/1972 बरदेभाटा,कांकेर माता-पिता- श्री दरबारी राम आर्ची,श्रीमती मंगल आर्ची शिक्षा-एम.एस-सी( रसायन) एम. ए.(हिन्दी,अंग्रेजी,लोक प्रशासन),बी. एड.,आयुर्वेद रत्न प्रकाशन- स्वतंत्र लेखन,कविता,कहानी,लघुकथा,नाटक, प्रकाशित कृति-अंशु (काव्य संग्रह) सांझा संकलन-1.नव्या 2.छग के छत्तीस रत्न, 3.सरस्वती, 4.प्रकृति, 5.नव लोकांचल गीत, 6.काव्य…

”विरह-वेदना” श्री राजेश शुक्ला”काँकेरी” शिक्षक साहित्यकार,कांकेर

साहित्यकार परिचय- श्री राजेश शुक्ला ”कांकेरी” जन्म- 10 दिसंबर 1964 माता-पिता- स्व.कान्ति देवी शुक्ला/स्व.हरप्रसाद शुक्ला शिक्षा- एम.कॉम, बी.एड. प्रकाशन- कहानी (किरन),साझा संग्रह (काव्य धरोहर) सम्मान- सम्प्रति- व्याख्याता-शास.उच्च.माध्य.विद्या.कोरर, (काँकेर) छ.ग.। संपर्क- 9826406234   ”विरह-वेदना” बादल,जाना उड़कर तुम, सीधे प्रिय के पास।…

”गाथा, शब्द और अभिव्यक्ति की” डॉ. अचल भारती वरिष्ठ साहित्यकार बांका,बिहार

  ”गाथा, शब्द और अभिव्यक्ति की”   डाॅं.अचल भारती कल तक शब्द कैद था घुप्प अंधेरे में डाल दिया गया था भूत की तंग कोठरी में पहुॅंचा दिया गया था जल्लाद के बूचड़ खाने तक सॅंजा दिया गया था मठाधीशों…

”जय सद् गुरू” श्रीमती रानी शर्मा समाजसेविका कांकेर छ.ग.

”जय सद् गुरू” तन थका, मन हारा था। चहुँ ओर घोर निराशा था।   तब,जय सद् गुरू  ने संभाला था जीवन में खुशियों का फूल खिलाया था।   सद् गुरू सूर्य समान। ज्ञान का उजास भरे।   सूर्य जग सारा…

”साफ आईने की तस्वीर” डाॅं.अचल भारती वरिष्ठ साहित्यकार कवि बांका,बिहार

”साफ आईने की तस्वीर” तुम्हारे खून में समाई गुलामी ने तुम्हें सबकुछ सह लेने को मजबूर किया है और तूने अपनी नियति पर जैसे कुछ न करने की कसमें खा ली है ‘ देखना मना है ‘ तख्त के पीछे…

”वे ठहरे लोग” डॉ. अचल भारती वरिष्ठ साहित्यकार कवि बांका बिहार

वे ठहरे लोग वे ठहरे लोग चेहरे जिनके बोलते हैं क्ई एक हार की कहानी   जहाॅं जीवन उनका एकदम छोटा पड़ गया है ग्लोव को ही   सम्पूर्ण भूगोल मानकर आस्था भी उनकी हम सबसे अलग संघर्ष व संवेग…

”रंगमंच की नियति” डाॅं. अचल भारती वरिष्ठ साहित्यकार,बांका(बिहार)

ढकोसला जारी है आठ- आठ आंसू रोने के आरोप- प्रत्यारोप का बाजार है गर्म मसीहा कहलाने को पग – पग हो रहा मंत्रोचार हर आंच की प्रतिक्रिया में उबल रहा ठन्डा पानी शासनाधिकार की लिप्सा में खण्ड- खण्ड होता भूगोल…

”मुलाकात”मीरा आर्ची चौहान शिक्षिका साहित्यकार कांकेर छ.ग.

साहित्यकार परिचय- मीरा आर्ची चौहान जन्मतिथि-07/05/1972 बरदेभाटा,कांकेर माता-पिता- श्री दरबारी राम आर्ची,श्रीमती मंगल आर्ची शिक्षा-एम.एस-सी( रसायन) एम. ए.(हिन्दी,अंग्रेजी,लोक प्रशासन),बी. एड.,आयुर्वेद रत्न प्रकाशन- स्वतंत्र लेखन,कविता,कहानी,लघुकथा,नाटक, प्रकाशित कृति-अंशु (काव्य संग्रह) सांझा संकलन-1.नव्या 2.छग के छत्तीस रत्न, 3.सरस्वती, 4.प्रकृति, 5.नव लोकांचल गीत, 6.काव्य…

रक्तरंजित सूरज! डॉं. अचल भारती वरिष्ठ साहित्यकार बांका(बिहार)

संसार के चबूतरे पर बैठ देखता हूं सुवह का सूरज   एक – एक बिन्दु जिसका रक्तरंजित मालूम पड़ता है वह किसी भेड़ – बकरे का रक्त नहीं है   वह रक्त है आदि – मनु के बेटे- बेटी का…

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