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“मर्यादा नाम नारी” डॉ. राखी कोर्राम ‘गुडिया’ साहित्यकार कांकेर (छ.ग.)

साहित्यकार परिचय डॉ. राखी कोर्राम (गुड़िया )  माता– पिता –  श्रीमती  छबीला मरकाम श्री बलीराम मरकाम जन्म – 11 अगस्त 1979 रामपुर (जुनवानी) शिक्षा – एम. ए.समाजशास्त्र । पोस्ट बी.एस.सी.नर्सिंग। प्रकाशन–काव्य संग्रह – “गुड़िया”,गुड़िया-2 गुड़िया-3  ”रंग प्रेम का” पुरस्कार /…

“मर्यादा नाम नारी” श्री मनोज जायसवाल संपादक सशक्त हस्ताक्षर कांकेर(छ.ग.)

(मनोज जायसवाल) – किसी स्त्री के साथ गलत लहजों के साथ शब्दों का प्रयोग क्या किसी स्त्री के टूटने के लिए काफी नहीं है? कोई स्त्री जिस तरह अपनी पलकों में जिससे स्नेह रखती हैं,छिपा कर रखती है,वैसे ही अपनी…

”गलत नजरीये का दंश झेल रही लडकियां” श्री मनोज जायसवाल संपादक सशक्त हस्ताक्षर कांकेर(छ.ग.)

(मनोज जायसवाल)  -विजातीय मॉं-पिता,दूसरी बहन के कृत्यों की सजा भी भुगत रही लडकिया।  – समाज में इस समस्या को समझने और सुलझाने वालों की कमी। किस कदर समाज में किसी के द्वारा की गयी सजा दूसरे को भुगतने के लिए…

“अबला नहीं सबला है ये” श्री मनोज जायसवाल संपादक सशक्त हस्ताक्षर कांकेर(छ.ग.)

साहित्यकार परिचय  श्री मनोज जायसवाल पिता-श्री अभय राम जायसवाल माता-स्व.श्रीमती वीणा जायसवाल जीवन संगिनी– श्रीमती धनेश्वरी जायसवाल सन्तति-पुत्र 1. डीकेश जायसवाल 2. फलक जायसवाल जन्म-01 मई 1973 अरौद(कांकेर) शिक्षा-बीएससी(बायो)एम.ए.(हिन्दी साहित्य) कार्य- पत्रकारिता, संपादक सशक्त हस्ताक्षर। व्यवसाय एवं कृषि कार्य। प्रकाशन-राष्ट्रीय…

”प्रतिभा को समझना नहीं आसां” श्री मनोज जायसवाल संपादक सशक्त हस्ताक्षर कांकेर(छ.ग.)

(मनोज जायसवाल) – किसी साहित्य कला प्रतिभा पर टिप्पणी से पहले खुद प्रतिभा संपन्न बनने की सोचे। कोई पति अच्छा या अमीर भले ही ना हो पर समझदार हो यह जरूरी है। क्योंकि वह ही स्त्री की भावनाओं को समझ…

”साहित्य के आयाम”  डॉ. शैल चन्द्रा वरिष्ठ शिक्षिका साहित्यकार नगरी(छ.ग.)

साहित्यकार-परिचय डॉ. शैल चन्द्रा माता– पिता – स्व़. स्नेहलता चन्द्रा‚  स्व. श्यामलाल चन्द्रा पति -डॉ.विश्वम्भर प्रसाद चन्द्रा जन्म – 09 अक्टूबर 1966 शिक्षा – एम.ए.‚ बी.एड.‚एम.फिल. पीएचडी(हिंदी)  प्रकाशन– 1.विडम्बना (लघुकथा संग्रह) २.इक्कीसवीं सदी में भी (कविता संग्रह) 3.जुनून और अन्य…

”वक्त सबसे बड़ा” श्री मनोज जायसवाल संपादक सशक्त हस्ताक्षर कांकेर(छ.ग.)

(मनोज जायसवाल) – वक्त का खेल पूरी दुनियां पर‚कोई नही बचा इसके प्रभाव से। दुनियाके मेले में वक्त का ही खेल चल रहा है। जीवन का कोई वक्त किसी को आबाद कर देता है,तो किसी की दुनिया ही बर्बाद कर…

”दशहरा का पर्याय” सुश्री नलिनी बाजपेयी वरिष्ठ साहित्यकार‚भानुप्रतापपुर‚कांकेर(छ.ग.)

साहित्यकार परिचय सुश्री नलिनी बाजपेयी जन्म-22.07.1961 छत्तीसगढ प्रदेश के बलाैदाबाजार  में। माता-पिता-श्रीमती दुर्गा बाजपेयी,श्री नर्मदा शंकर बाजपेयी शिक्षा–एम.ए. हिंदी,इतिहास, राजनीति शास्त्र,समाज शास्त्र प्रकाशन-प्रकाशित पुस्तकें- एकल-प्रक्रिया में सांझा संकलन-14(नवलोकांचल गीत,सरस्वती प्राथम्य,काव्य साधना,काव्य धरोहर,उम्मीद,लहर,नव्या, लघुकथा संग्रह,माँ का उत्सव, कहानी संग्रह,आदि) आकाशवाणी जगदलपुर…

आप भी टूट कर ना जाएं मंदिर! श्री मनोज जायसवाल संपादक सशक्त हस्ताक्षर कांकेर(छ.ग.)

(मनोज जायसवाल) – जब यह माना जाता है कि टूटी चीजों से नकारात्मक उर्जा आती है। अमूमन टूटी हुई चीजों के तारतम्य खासकर किसी मुर्ति का जरा भी खंडित होना शुभ नहीं माना जाता। तब दीपावली पूजन अवसर पर नियम…

क्या देखा? श्री संतोष श्रीवास्तव ‘सम’ शिक्षक साहित्यकार कांकेर छ.ग.

साहित्यकार परिचय- श्री संतोष श्रीवास्तव ‘सम’ जन्म- 6 सितंबर 1969 माता-पिता – स्व. श्री राजेश्वर प्रसाद श्रीवास्तव, श्रीमती सुशीला देवी श्रीवास्तव, शिक्षा- एम.ए.( हिंदी साहित्य, इतिहास) , डी एड, पत्रकारिता डिप्लोमा। प्रकाशन- 1) आसमां छोड़ सूरज जब चल देगा  2)…

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