”अपनी भलाई” डॉ. शैल चन्द्रा वरिष्ठ साहित्यकार नगरी(छ.ग.)
साहित्यकार-परिचय डॉ. शैल चन्द्रा माता– पिता – स्व़. स्नेहलता चन्द्रा‚ स्व. श्यामलाल चन्द्रा जन्म – 09 अक्टूबर 1966 शिक्षा – एम.ए.‚ बी.एड.‚एम.फिल. पीएचडी(हिंदी) प्रकाशन– विडम्बना(लघुकथा संग्रह) इक्कीसवीं सदी में भी(कविता संग्रह) जुनून और अन्य कहानियां (कहानी संग्रह),गुढी ह अब सुन्ना…
”श्रृंगार से ज्यादा संघर्ष की सुंदरता” श्री मनोज जायसवाल संपादक सशक्त हस्ताक्षर कांकेर(छ.ग.)
(मनोज जायसवाल) निश्चित रूप से जिस स्त्री की हाथों में कलम है, वह दुनिया की सबसे सुंदर स्त्री कही जा सकती है,जिसके अर्थ समंदर से है। विस्तार के लिए आपको स्वयं को पूर्ण गंभीरता से मनन करना है। लेकिन सुंदर…
”कहां गए कहानी के रूप में ज्ञान की बातें करने वाले” मनोज जायसवाल संपादक सशक्त हस्ताक्षर कांकेर(छ.ग.)
(मनोज जायसवाल) आप लोग किसी से आम चर्चा कर रहे हों तो कई दफा ऐसे वाक्यात आता है,जब लोग मुहावरों,कहावतों का प्रयोग करते हैं। ठीक ऐसे ही कई लोग ऐसे हैं जो चर्चाओं के दौरान सामने आने वाली समस्या का…
“बस तुम आओ” डॉ. राखी कोर्राम(गुड़िया ) साहित्यकार कांकेर (छत्तीसगढ)
साहित्यकार-परिचय डॉ. राखी कोर्राम’गुड़िया’ माता– पिता – श्रीमती छबीला मरकाम श्री बलीराम मरकाम जन्म – 11 अगस्त 1979 रामपुर (जुनवानी) शिक्षा – एम. ए.समाजशास्त्र । पोस्ट बी.एस.सी.नर्सिंग।-डॉक्टर ऑफ़ लिटरेचर (डी.लिट.) प्रकाशन–काव्य संग्रह -गुड़िया, गुड़िया-2,गुड़िया -3 (4) – रंग प्रेम का …
“हिन्दी “डॉ. राखी कोर्राम(गुड़िया ) साहित्यकार कांकेर (छत्तीसगढ)
साहित्यकार-परिचय डॉ. राखी कोर्राम’गुड़िया’ माता– पिता – श्रीमती छबीला मरकाम श्री बलीराम मरकाम जन्म – 11 अगस्त 1979 रामपुर (जुनवानी) शिक्षा – एम. ए.समाजशास्त्र । पोस्ट बी.एस.सी.नर्सिंग।-डॉक्टर ऑफ़ लिटरेचर (डी.लिट.) प्रकाशन–काव्य संग्रह -गुड़िया, गुड़िया-2,गुड़िया -3 (4) – रंग प्रेम का …
”वो कितना सुंदर होगा” मनोज जायसवाल संपादक सशक्त हस्ताक्षर कांकेर(छ.ग.)
(मनोज जायसवाल) उस ईश्वर की प्रतिमा जितना अप्रतिम,फिर ईश्वर कैसा होगा? यह बात ईश्वर पर अपितु उनकी बनाई इस संसार के मेले में एक दूसरे इंसानों पर भी एहसास के बादल छाए रहते हैं। कैसी होगी तस्लीमा,जया, जाहनवी, डॉ.मीरा,नलिनी,रश्मि,गीता‚संगीता डॉ.राखी, …
”स्त्री! अपितु पुरूष लेखकों पर भी कुदृष्टि” मनोज जायसवाल संपादक सशक्त हस्ताक्षर कांकेर छत्तीसगढ
(मनोज जायसवाल) आज भी किसी साहित्यकार लेखिका नारी के लिए आम ग्रामीण परिवेश की रोजमर्रा समाज में कानाफुंसी कम नहीं है। इस परिवेश में किसी विधुषी स्त्री कैसे लोगों को समझा सकती है,जहां बात करें तो वे समझे भी ना!…
”बहन पर स्नेह बनाए रखने की चाह” मनोज जायसवाल संपादक सशक्त हस्ताक्षर कांकेर(छ.ग.)
तीज विशेष…. (मनोज जायसवाल) अर्थ,भौतिक चकाचौंध ने भी रिश्तों की डोर को कमजोर करने में कोई कसर नहीं छोड़ी है। भाई बहन के असीम प्यार को समेटे राखी से लेकर सदियों से मनायी जा रही तीज हरितालिका पर भी स्नेह…
”प्रयास” श्री गजपति राम साहू वरिष्ठ साहित्यकार कोड़ेवां बालोद छ.ग.
साहित्यकार परिचय श्री गजपति राम साहू जन्म- 16.06.1958ग्राम-कोड़ेवा(सिकोसा) तह.गुण्डरदेही,जिला-बालोद (छ.ग.) माता-पिता – स्व.गंगू राम साहू स्व.श्रीमती मथुरा बाई साहू पत्नी श्रीमती सुशीला साहू शिक्षा- बी.ए. प्रकाशन- काव्य संग्रह (हिन्दी) 1. ज्ञान सेतु,2. भक्ति सरोवर 3. नीति वाटिका काव्य संग्रह छत्तीसगढ़ी…
”झूठे रोने वाले बाजी मार जाएंगे” श्री मनोज जायसवाल संपादक सशक्त हस्ताक्षर कांकेर(छ.ग.)
–जब मैं प्राण त्याग करूंगा तब इस बात की आशंका होगी कि झूठे रोने वाले सच्चे रोने रोने वालों से बाजी मार ले जाएंगे–हरिशंकर परसाई (मनोज जायसवाल) कुछ लोग इस प्रकार से चाटुकारिता में लगे होते हैं, कि खुद पर…























