पेट की चिंता की क्या जरूरत? मनोज जायसवाल संपादक सशक्त हस्ताक्षर कांकेर(छ.ग.)
(मनोज जायसवाल) दुनिया के किसी भी जीव जंतुओं को खाने की इतनी नहीं पड़ी रहती, जितने कि आदमी को। कैसे जिस किसी काम के लिए जा रहे हों और खाने की फिक्र पहले करते हैं। कई लोग ऐसे हैं,जो बिना…
‘तलाक के नाम बना दिए मासूमों को अनाथ’ मनोज जायसवाल संपादक सशक्त हस्ताक्षर कांकेर(छ.ग.)
-जीवन में बहार लाने कथा श्रवण जरूरी। (मनोज जायसवाल) अपने पारिवारिक जीवन में बहार लाने के लिए कथा श्रवण से बढ़कर और कोई सशक्त माध्यम नहीं है। कथा श्रवण के साथ पाठन भी उतना ही महत्वपूर्ण है, लेकिन श्रवण करने…
‘वैवाहिक संस्कारों में भीड की कुरीति’ मनोज जायसवाल संपादक सशक्त हस्ताक्षर कांकेर(छ.ग.)
(मनोज जायसवाल) महानगरीय ‘शहरिया’ संस्कृति आज गावों तक आने से जिस तरह आर्थिक ढांचे को पोला कर रही है,निश्चित रूप से कहीं पुनः अतीत के वो दिन ना आए जहां हम जीवन के संस्कारों को अपने परिजनों के साथ पूरा…
रेप (Rap) डॉ. किशन टण्डन ‘क्रान्ति’ वरिष्ठ साहित्यकार रायपुर छ.ग.
साहित्यकार परिचय : डॉ. किशन टण्डन ‘क्रान्ति’ माता : श्रीमती मोगरा देवी पिता : स्व. श्री रामखिलावन टण्डन जीवनसंगिनी : श्रीमती गायत्री देवी जन्म : 01 जुलाई 1964, मस्तूरी, जिला-बिलासपुर, छ.ग. (भारत) शिक्षा : एम. ए. (समाजशास्त्र, इतिहास, राजनीति विज्ञान)…
”दरपन” डॉ. किशन टण्डन ‘क्रान्ति’ वरिष्ठ साहित्यकार रायपुर छ.ग.
साहित्यकार परिचय : डॉ. किशन टण्डन ‘क्रान्ति’ माता : श्रीमती मोगरा देवी पिता : स्व. श्री रामखिलावन टण्डन जीवनसंगिनी : श्रीमती गायत्री देवी जन्म : 01 जुलाई 1964, मस्तूरी, जिला-बिलासपुर, छ.ग. (भारत) शिक्षा : एम. ए. (समाजशास्त्र, इतिहास, राजनीति विज्ञान)…
तलाक-‘घुटनभरी जीवन यात्रा’ मनोज जायसवाल संपादक सशक्त हस्ताक्षर कांकेर (छ.ग.)
(मनोज जायसवाल) प्रत्येक समाज आज तलाक यानि दाम्पत्य जीवन के संबंध विच्छेद जैसे प्रकरणों से जूझ रहा है। विडंबना कहें, या मजबूरी! कि जिन दो परिवारों का पुत्र-पुत्रियों में अग्नि को साक्षी मानकर सात फेरे लेते,सात वचन निभायी जाने की…
क्या है,प्यार बताओ ना? मनोज जायसवाल संपादक सशक्त हस्ताक्षर कांकेर (छ.ग.)
(मनोज जायसवाल) ‘प्रेम’ शास्वत सत्य है। ‘प्रेम’ पर कोई काव्य,लेख,कहानी लिखकर तो कला संगीत जगत में कोई मधुर आवाजों में गाकर तो कोई प्रेम की धून बजा कर फिर कोई प्रदर्शन के स्वरूप में सिने चलचित्र पटल पर इसके साथ…
अपनत्व नहीं तो प्यार कहां? मनोज जायसवाल संपादक सशक्त हस्ताक्षर कांकेर छ.ग.
(मनोज जायसवाल) लाख कहें वो तो हमारे दिलों में है,कहने वाली बात ही होगी। अपनत्व का भाव तो आभासी अहसासों में ही नहीं वरन भौतिक मुलाकातों में निहीत है। कहने के नाम बड़ी-बड़ी बातें जरूर पर यह कोरी मिथ्या के…
”धरती ताक रही अंबर को” डॉ. मीरा आर्ची चौहान शिक्षिका साहित्यकार कांकेर छ.ग.
साहित्यकार परिचय- डॉ. मीरा आर्ची चौहान जन्मतिथि-07/05/1972 बरदेभाटा,कांकेर माता-पिता- श्री दरबारी राम आर्ची,श्रीमती मंगल आर्ची‚ पति – संतोष चौहान शिक्षा-एम.एस-सी(रसायन शास्त्र),एम. ए.(हिन्दी,अंग्रेजी,लोकप्रशासन),बी.एड.,आयुर्वेद रत्न| प्रकाशन- 1-अंशु (कविता संग्रह) 2-रेत पर लिखा दर्द (कविता संग्रह) साझा संकलन- 1- सरस्वती 2- छत्तीसगढ़ के…
”शहरिया पेड़” श्रीमती रजनी शर्मा ‘बस्तरिया’ शिक्षिका साहित्यकार‚रायपुर(छ.ग.)
साहित्यकार परिचय: रजनी शर्मा ‘बस्तरिया’ माता: पिता – स्व.श्रीमती सीता दुबे‚ स्व. श्री सी.डी. दुबे पति – श्री अजय शर्मा‚ सुपुत्री– पुर्वी‚ प्रकृति जन्म- 15 मार्च 1967 शिक्षा- बीएससी, एमए (अंग्रेजी, राजनीति शास्त्र), एम. एड. प्रकाशन- बस्तर की पृष्ठभूमि पर…























