‘सामाजिक सत्ता,पद की लालसा के नाम’ मनोज जायसवाल संपादक सशक्त हस्ताक्षर छत्तीसगढ़
(मनोज जायसवाल) क्या कारण है कि धार्मिक, आध्यात्मिक संगठन बहूत हद तक सफल है,लेकिन सामाजिक संगठनों की स्थिति निर्वाचन के प्रथम अधिवेशन में ही गुटबाजी,असंतोष झेलते जान पड़ती है। असंतोष का कारण लोगों के बीच यही है कि सियासी या…
‘अंतर्राष्ट्रीय कथावाचक पं. प्रदीप मिश्रा के आयोजन की तैयारी प्रारंभ’
(मनोज जायसवाल) कांकेर(सशक्त हस्ताक्षर)।देव भूमि भारत और इसी भारत का दैवीय भूमि बस्तर जिस धरा पर भगवान विष्णु के यात्रा की स्वर्णिम अतीत। देश ही नहीं पूरे विश्व को आकर्षित करने वाले बस्तर की धरा में युं तो अनेकानेक ऐसे…
बिटियाः’घर आंगन से विदाई तक’ मनोज जायसवाल संपादक सशक्त हस्ताक्षर कांकेर छत्तीसगढ
(मनोज जायसवाल) लडकी जब ‘बाबुल’ के घर होती है‚ तब उसका स्थान बेटे से भी बढकर होता है। सुदुर जगहों में समाज के अंतिम पंक्ति में भी देखें तो वह ‘परिवार’ की धुरी होती है‚ जहां वह सर्वस्व जिम्मेदारियां निभा…
सामाजिक सत्ता- ‘कार्यकारिणी विस्तार में आपकी भुमिका’ मनोज जायसवाल संपादक सशक्त हस्ताक्षर कांकेर छ.ग.
-समाजसेवा के लिए उत्सुक हैं तो पद का नहीं कार्य का जज्बा पैदा करें (मनोज जायसवाल) हर समाज में पदाधिकारियों के निर्वाचन की अपनी प्रक्रिया और परंपरा होती है। अध्यक्ष एवं कुछ पद के निर्वाचन उपरांत कार्यकारिणी टीम का विस्तार…
सामाजिक सत्ता‘ कलम बिठाती है तो गिराती भी है!मनोज जायसवाल संपादक सशक्त हस्ताक्षर कांकेर छ.ग.
(मनोज जायसवाल) किसी घर को बनाने में जितना वक्त लगता है,गिराना पल भर का है। ठीक ऐसा ही सामाजिक सत्ता का है! सियासी सत्ता के तो दिनों नहीं मिनटों में भरभरा कर गिरने के किस्से नहीं अपितु धरातलीय सच से…
”ससुराल प्रथम आगमन का सम्मान और आनंद”मनोज जायसवाल संपादक सशक्त हस्ताक्षर कांकेर छ.ग.
-इसीलिए कहा जाता है,ससुराल गेंदा फूल हिन्दु सनातन धर्म में कई शुभ मुर्हूत पर विवाह आयोजन हो रहा है। विवाह के बाद मुख्य रूप से लडकी का प्रथम बार मायका एवं लडके का ससुराल जाना भी परंपरा का ही एक…
गिरेबां को तनिक झांक लेते…. मनोज जायसवाल संपादक सशक्त हस्ताक्षर कांकेर छ.ग.
(मनोज जायसवाल) वैसे तो सामाजिक प्रतिषेध कानून उन लोगों के लिए बड़ी आस है,जिन्हें गावों में कई दफा हुक्का पानी बंद तो गांव की मुख्यधारा से अलग किया जाता है। मुख्यतः गांवों में कुछ नामचीन तथाकथित प्रभावशाली लोगों की सियानी…
‘सामाजिक सत्ता में विपक्ष की ताकत’मनोज जायसवाल संपादक सशक्त हस्ताक्षर,कांकेर छ.ग.
(मनोज जायसवाल) सामाजिक सत्ता की लड़ाई में सत्ता से भी ज्यादा ताकतवर यदि कोई होता है तो वो है विपक्ष! सामाजिक सत्ता की दीवार उस दिन से कमजोर पड़ना शुरू हो जाता है,जिस दिन से शीर्ष नेतृत्व अपनी मनमानी प्रारंभ…
समाजः ‘हम सवालों के साथ रहेंगे’ मनोज जायसवाल संपादक सशक्त हस्ताक्षर छ.ग.
(मनोज जायसवाल) किसी बड़े वीआईपी नेता,उच्चाधिकारी द्वारा अपने कार,हेलीकॉप्टर में बिठा देने,सभा मंच पर नाम उच्चारण कर देने, फोटो खिंचवा देने, आंचलिक समाचार पत्र की सुर्खियों उपस्थितजनों की कड़ी में नाम छप जाने आदि भर से आपकी महानता तय नहीं…
सामाजिक सत्ता रूतबे का क्या? मनोज जायसवाल संपादक सशक्त हस्ताक्षर कांकेर छ.ग.
(मनोज जायसवाल) सत्ता चाहे सियासी हो या सामाजिक! हासिल होने के बाद समय नहीं लगता अपनी भावनाओं,विचारों को परिवर्तित होने में। उन्हें पता है, यह वो वक्त है,जब हमें झुकना है। सामाजिकता की मीठी-मीठी बातें करना है। जिस अंतिम व्यक्ति…























