
-राष्ट्रीय पत्रिका ककसाड़ के संपादक डॉ राजाराम त्रिपाठी दिल्ली से इस कार्यक्रम में शिरकत करेंगे। जिन्हें देखने जानने सुनने की जिज्ञासा क्षेत्र के साहित्यकारों को बनी हुई है। उनके आगमन पर बस्तर की साहित्यिक योगदान विषयों पर भीं चर्चा होगी।
(मनोज जायसवाल)
कोण्डागांव(सशक्त हस्ताक्षर)। छत्तीसगढ़ के बस्तर क्षेत्र की जानीमानी रचनाकार श्रीमती रश्मि विपिन अग्निहोत्री रचित काव्य कभी हंसता कभी सुलगता बस्तर का विमोचन 26 जून रविवार को छत्तीसगढ़ हिंदी साहित्य परिषद, ककसाड़ पत्रिका, हिंदी साहित्य भारती, ट्राईबल रिसर्च एंड वेलफेयर फाउंडेशन ,हिंदी भारतीय कोंडागांँव के तत्वाधान में होने जा रहा है।
विमोचन में काव्य पाठ भी
काव्य का विमोचन पद्म धर्मपाल सैनी तथा गणमान्य अतिथिगणों के कर कमलों से किया जाना है। आयोजन में स्थानीय कवियों द्वारा कविता पाठ किया जाएगा। इसके साथ ही वरिष्ठ साहित्यकारों द्वारा आलेख पाठ भी किया जाएगा।
कार्यक्रम की अध्यक्षता अखिल भारतीय किसान महासभा के अध्यक्ष वरिष्ठ साहित्यकार एवं राष्ट्रीय पत्रिका ककसाड़ के संपादक डॉ राजाराम त्रिपाठी दिल्ली से इस कार्यक्रम में शिरकत करेंगे।
कांकेर कोंडागांव जगदलपुर सहित विभिन्न स्थानों से साहित्यकार एवं कला मर्मज्ञ तथा शिक्षा विभाग के लोगों की उपस्थिति में बस्तर की कृति कभी हंसता कभी सुलगता बस्तर का विमोचन होने जा रहा है।
क्या है?संकलन में!
रश्मि अग्निहोत्री ने कहा कि यह हम सभी बस्तरवासियों के लिए गौरव का विषय है। बस्तर की कला संस्कृति इतिहास एवं पर्यटन स्थलों के काव्यात्मक वर्णन एवं बस्तर इतिहास कला संस्कृति पर आधारित लेख से इस काव्य की महत्ता सिद्ध होती है ।
साहित्य हस्ती उपस्थित हाेंगे
कला परंपरा छत्तीसगढ़ के अध्यक्ष डॉ डीपी देशमुख भिलाई, डॉ राजाराम त्रिपाठी ( आइफा चेयरमैन, वरिष्ठ साहित्यकार एवं सम्पादक)दिल्ली, सनत जैन ( सम्पादक बस्तर पाति जगदलपुर) सन्तराम नेताम ( विधायक एवं बस्तर विकास प्राधिकरण) राना मुखर्जी (भाषाविद्, संस्थापक शिप्रा विद्यालय केशकाल), शिप्रा त्रिपाठी संपदा समाजसेवी संस्थान, कभी हँसता कभी सुलगता बस्तर पर समीक्षात्मक आलेख दिया है- जी.एस .मिश्र ( सेवानिवृत्त प्राचार्य , बी एच यू संस्कृत गोल्ड मेडलिस्ट ) काव्य का संपादन निर्मेश त्यागी नोएडा गाजियाबाद ने किया है। प्रकाशन वर्तमान अंकुर दैनिक समाचार पत्र नोएडा गाजियाबाद है ।
दिए जा रहे आमंत्रण
गरिमामयी आयोजन में होने वाली इस आयोजन का आमंत्रण स्थानीय साहित्य जगत में दिया जा रहा है। इसका इंतजार लेखन जगत से जुड़े सभी बुद्विजीवियों को है।



















