”प्रतिभा को समझना नहीं आसां” श्री मनोज जायसवाल संपादक सशक्त हस्ताक्षर कांकेर(छ.ग.)
(मनोज जायसवाल) – किसी साहित्य कला प्रतिभा पर टिप्पणी से पहले खुद प्रतिभा संपन्न बनने की सोचे। कोई पति अच्छा या अमीर भले ही ना हो पर समझदार हो यह जरूरी है। क्योंकि वह ही स्त्री की भावनाओं को समझ…














