समाज : ‘आवाज खुद की परिचायक

समाज : ‘आवाज खुद की परिचायक’ मनोज जायसवाल संपादक सशक्त हस्ताक्षर कांकेर छ.ग.

(मनोज जायसवाल) व्यक्ति से परिवार और परिवारों को मिलाकर बनाये गये समूह का नाम समाज है। वही समाज जिसमें जीवन के कई संस्कार एवं  उत्सव के साथ साथ जीवन जीने के लिए सहयोग की आकांक्षाएं साझा किये जाने वाले संस्कार…

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