कौन थे, देवार,बसदेवा,लांझिया श्री मनोज जायसवाल संपादक सशक्त हस्ताक्षर छ.ग.
-छत्तीसगढ़ में इनके गीतों का संवर्धन बेहद जरूरी। छत्तीसगढ़ में कही जाने वाली कथा के मुताबिक देवार जाति जो राजा महाराजाओं के यहां अपनी मीठी सुरों से गायन कर मनोरंजन करते थे। कहा जाता है कि एक बार उन्हीं…














