आलेख

‘सामाजिक सत्ता चुनाव की गर्माहट’ मनोज जायसवाल संपादक सशक्त हस्ताक्षर छ.ग.

-चुनावी प्रचार-प्रसार में आयी तेजी। निरंतर संपर्क बनाये हुए हैं,प्रत्याशी। अध्यक्ष पद के लिए कांटे की टक्कर की संभावना। (मनोज जायसवाल) नित मौसम में बदलाव हो रहे हैं। हाल की बात करें तो जहां कोंडागांव में बारिश हो रही है,वहीं…

”युवाओं को शिक्षा पर विशेष रुचि लेना चाहिए” दिलेश्वर बाजपेयी (अधिवक्ता) साहित्यकार दुर्ग छ.ग.

(दिलेश्वर बाजपेयी) आज जिस समुदाय परिवार में या कहाँ जाये जिस देश राज्य में हो पूरे समूचे में विश्व में शिक्षा को ही उत्तम और विशेष दर्जा दिया जाता है। आजकल युवा साथियों में पढ़ाई की रुचि न्यूनतम होती जा…

‘सामाजिक उत्थान नहीं कूटनीति की पड़ी’ मनोज जायसवाल संपादक सशक्त हस्ताक्षर छ.ग.

(मनोज जायसवाल) सामाजिक सत्ता की चाहत किसी व्यक्ति विशेष के अपने निजी रूप से किसी सियासी दंगल में वर्चस्व के लिए भी रहे। सामाजिक सत्ता में प्रमुख की भुमिका निर्वहन किये जाने के चलते सियासी पार्टियां भी सामाजिक सत्ताधीश की…

”समाजः हमारा दर्द न जाने कोय” श्री बसंत जैन, समाजसेवी जगदलपूर

समाजः हमारा दर्द न जाने कोय (बसंत जैन) ये हैं  बसंत जैन। जगदलपुर के स्थायी वाशिंदे हैं। शासकीय इंजीनियरिंग कालेज जगदलपूर में पदस्थ है। ये लघु वेतन संघ के प्रांतीय कार्यकारिणी सदस्य एवं जगदलपूर जिलाध्यक्ष है।समाजसेवा को परम धर्म मानते…

‘सामाजिक सत्ता के परिवर्तन में जुटे समाजजन’ मनोज जायसवाल संपादक सशक्त हस्ताक्षर छ.ग.

(मनोज जायसवाल) समाज में प्रतिनिधित्व का अवसर नये लोगों को मिले। जिन्हें समाजजनों ने सामाजिक सत्ता पर पहले ही बिठाया जिसके चलते ही वो अनुभवी बने। लेकिन कटू सत्य कि सामाजिक सत्ता सम्हालने से पूर्व वो भी ऐसे ही थे।…

समाजः ‘साकोचार की वस्तुएं’ मनोज जायसवाल संपादक सशक्त हस्ताक्षर छत्तीसगढ़

साहित्यकार परिचय  श्री मनोज जायसवाल पिता-श्री अभय राम जायसवाल माता-स्व.श्रीमती वीणा जायसवाल जीवन संगिनी– श्रीमती धनेश्वरी जायसवाल सन्तति- पुत्र 1. डीकेश जायसवाल 2. फलक जायसवाल जन्म-01 मई 1973 अरौद(कांकेर) शिक्षा-बीएससी(बायो)एम.ए.(हिन्दी साहित्य) कार्य- पत्रकारिता,  प्रधान संपादक सशक्त हस्ताक्षर। व्यवसाय एवं कृषि…

”छत्तीसगढ़ में अक्षय तृतीया की विशेष मान्यता” श्री मणिशंकर दिवाकर अधिवक्ता एवं साहित्यकार दुर्ग(छ.ग.)

(मणिशंकर दिवाकर ) ऐसे तो पूरा भारत देश में बहुत सारे राज्य प्रदेश है जहाँ विविध अन्य रूप से विशेष मान्यता दी जाती वहीं अपने अपने देश राज्य व प्रदेश संस्कृति के आधार पर अनेक प्रकार के त्यौहारों को मान्यता…

”समाज में ओहदे की मिथ्या अहं” मनोज जायसवाल संपादक सशक्त हस्ताक्षर कांकेर छ.ग.

(मनोज जायसवाल) आपने अपने सामाजिक जीवन या फिर लोक प्रतिनिधित्व करते हुए कितनों पर सकारात्मक क्षेत्र में कार्य किया है। आपकी मंसुबा यदि इतना ही सही है तो कैसे अपनों पर कभी किसी की आजीविका के स्त्रोत पर तो कभी…

”हर हैहयवंशियों के घर लगे सहस्त्रार्जुन का छायाचित्र”मनोज जायसवाल संपादक सशक्त हस्ताक्षर कांकेर छ.ग.

(मनोज जायसवाल) नाटककार, निर्देशक, प्रोड्यूसर, अभिनेता, पत्रकार, संपादक, कवि और ‘नया थिएटर’ के संस्थापक रायपुर में जन्मे हबीब तनवीर ने बहादूर कलारीन नामक लोककथा उठायी जिसका बेहतर प्रतिसाद मिला। छत्तीसगढ के ही वर्तमान में बालोद अंतर्गत सोरर गांव में उस…

”राष्ट्रीय महिला आयोग कितना सार्थक”सुश्री नलिनीप्रभा बाजपेयी शिक्षिका,साहित्यकार संबलपुर,भानुप्रतापपुर कांकेर छ.ग.

साहित्यकार परिचय-सुश्री नलिनी बाजपेयी जन्म-22.07.1961 छत्तीसगढ प्रदेश के बलाैदाबाजार  में। माता-पिता-श्रीमती दुर्गा बाजपेयी,श्री नर्मदा शंकर बाजपेयी शिक्षा–एम.ए. हिंदी,इतिहास, राजनीति शास्त्र,समाज शास्त्र प्रकाशन-प्रकाशित पुस्तकें- एकल-प्रक्रिया में सांझा संकलन-14(नवलोकांचल गीत,सरस्वती प्राथम्य,काव्य साधना,काव्य धरोहर,उम्मीद,लहर,नव्या, लघुकथा संग्रह,माँ का उत्सव, कहानी संग्रह,आदि) आकाशवाणी जगदलपुर से…

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