समाजः ‘साकोचार की वस्तुएं’ मनोज जायसवाल संपादक सशक्त हस्ताक्षर छत्तीसगढ़
साहित्यकार परिचय श्री मनोज जायसवाल पिता-श्री अभय राम जायसवाल माता-स्व.श्रीमती वीणा जायसवाल जीवन संगिनी– श्रीमती धनेश्वरी जायसवाल सन्तति- पुत्र 1. डीकेश जायसवाल 2. फलक जायसवाल जन्म-01 मई 1973 अरौद(कांकेर) शिक्षा-बीएससी(बायो)एम.ए.(हिन्दी साहित्य) कार्य- पत्रकारिता, प्रधान संपादक सशक्त हस्ताक्षर। व्यवसाय एवं कृषि…
”छत्तीसगढ़ में अक्षय तृतीया की विशेष मान्यता” श्री मणिशंकर दिवाकर अधिवक्ता एवं साहित्यकार दुर्ग(छ.ग.)
(मणिशंकर दिवाकर ) ऐसे तो पूरा भारत देश में बहुत सारे राज्य प्रदेश है जहाँ विविध अन्य रूप से विशेष मान्यता दी जाती वहीं अपने अपने देश राज्य व प्रदेश संस्कृति के आधार पर अनेक प्रकार के त्यौहारों को मान्यता…
”समाज में ओहदे की मिथ्या अहं” मनोज जायसवाल संपादक सशक्त हस्ताक्षर कांकेर छ.ग.
(मनोज जायसवाल) आपने अपने सामाजिक जीवन या फिर लोक प्रतिनिधित्व करते हुए कितनों पर सकारात्मक क्षेत्र में कार्य किया है। आपकी मंसुबा यदि इतना ही सही है तो कैसे अपनों पर कभी किसी की आजीविका के स्त्रोत पर तो कभी…
”हर हैहयवंशियों के घर लगे सहस्त्रार्जुन का छायाचित्र”मनोज जायसवाल संपादक सशक्त हस्ताक्षर कांकेर छ.ग.
(मनोज जायसवाल) नाटककार, निर्देशक, प्रोड्यूसर, अभिनेता, पत्रकार, संपादक, कवि और ‘नया थिएटर’ के संस्थापक रायपुर में जन्मे हबीब तनवीर ने बहादूर कलारीन नामक लोककथा उठायी जिसका बेहतर प्रतिसाद मिला। छत्तीसगढ के ही वर्तमान में बालोद अंतर्गत सोरर गांव में उस…
”राष्ट्रीय महिला आयोग कितना सार्थक”सुश्री नलिनीप्रभा बाजपेयी शिक्षिका,साहित्यकार संबलपुर,भानुप्रतापपुर कांकेर छ.ग.
साहित्यकार परिचय-सुश्री नलिनी बाजपेयी जन्म-22.07.1961 छत्तीसगढ प्रदेश के बलाैदाबाजार में। माता-पिता-श्रीमती दुर्गा बाजपेयी,श्री नर्मदा शंकर बाजपेयी शिक्षा–एम.ए. हिंदी,इतिहास, राजनीति शास्त्र,समाज शास्त्र प्रकाशन-प्रकाशित पुस्तकें- एकल-प्रक्रिया में सांझा संकलन-14(नवलोकांचल गीत,सरस्वती प्राथम्य,काव्य साधना,काव्य धरोहर,उम्मीद,लहर,नव्या, लघुकथा संग्रह,माँ का उत्सव, कहानी संग्रह,आदि) आकाशवाणी जगदलपुर से…
परिवर्तनः’कुछ नया देखने का विचार करें’ मनोज जायसवाल संपादक सशक्त हस्ताक्षर कांकेर छ.ग.
(मनोज जायसवाल) कुछ लोगों के जीवन में सामाजिक सोच ही नहीं है। उन्हें सिर्फ और सिर्फ उनकी अपनी जीगिषा से मतलब है। कुछ अमीर लोगों की सामाजिक सोच तो है,लेकिन वह लकवाग्रस्त हो गया है। दर्द से तो कराह रहे…
‘समय कल्चुरीवंश के एक होने का’ मनोज जायसवाल संपादक सशक्त हस्ताक्षर,कांकेर छ.ग.
(मनोज जायसवाल) बताया जाता है कि छत्तीसगढ़ में हमारा बस्तर संभाग केरल जैसे प्रदेश से भी बड़ा है। बस्तर में आदिवासियों के बाद कलार समाज का वर्चस्व है। आदिकाल से आदिवासियों के साथ ही एक दूसरे से आजीविका के साधनों…
‘समाजसेवा पर किसी पद का मोहताज नहीं’ मनोज जायसवाल संपादक सशक्त हस्ताक्षर कांकेर छ.ग.
(मनोज जायसवाल) अच्छा! हमें क्या मालूम कि आपने समाज के क्रीमी पद में ईमानदार रहे। रहे तो रहे, लेकिन अब अपने ही टीम के साथियों का नकारात्मक बात करते हुए दूसरों के पास शायद अपनी ईमानदारी को सत्य साबित करने…
समाज : ‘आवाज खुद की परिचायक’ मनोज जायसवाल संपादक सशक्त हस्ताक्षर कांकेर छ.ग.
(मनोज जायसवाल) व्यक्ति से परिवार और परिवारों को मिलाकर बनाये गये समूह का नाम समाज है। वही समाज जिसमें जीवन के कई संस्कार एवं उत्सव के साथ साथ जीवन जीने के लिए सहयोग की आकांक्षाएं साझा किये जाने वाले संस्कार…
दृष्टि है तो सृष्टि है ’’नेत्रदान – महादान‘‘ अनिल कुमार मौर्य ‘अनल’ शिक्षक साहित्यकार कांकेर छ.ग.
साहित्यकार परिचय-अनिल कुमार मौर्य ‘अनल’ जन्म- 22 मई 1980 जन्म स्थान,संजय नगर,कांकेर छत्तीसगढ माता/पिता – फूलचंद माैर्य श्रीमती राेवती मौर्य, पत्नी-श्रीमती दीप्ति मौर्य, पुत्र-संस्कार,पुत्री-जिज्ञासा मौर्य । शिक्षा- एमए(हिंदी) इतिहास एवं सन! 2019 में विश्व विद्यालय जगदलपुर द्वारा मास्टर आफ आर्ट…























