‘शराब नहीं पीने वाला पति मेरा अभिमान’ मनोज जायसवाल संपादक सशक्त हस्ताक्षर,कांकेर छ.ग.
– शराब नहीं पीने वाला भी पीने वालों को पीला कर खुश कर रहा है।सबसे बड़ी विडंबना महिलाओं की शराबखोरी। शराब नहीं पीने वाला पति यदि हों तो किसी भी पत्नी के लिए जीवन में इससे बढ़कर और कोई खुशी…
जब कांग्रेस सामान्य वर्ग को मैदान में लाने का खामियाजा भुगता था
-बिल्हा विधानसभा से राजेंद्र शुक्ला लगभग 27000 हजार वोट से हारे थे। ( गोविन्द शर्मा ) बिलासपुर(सशक्त हस्ताक्षर)। बिलासपुर जिले की सबसे मजबूत और सबसे बड़ी विधानसभा बिल्हा हमेशा से सुर्खियों में रहा है उसका कारण हैं की यहाँ से…
‘सावंत बइगा’ मां अंगारमोती के प्रथम पुजारी देवसिंह नेताम वर्तमान पुजारी
(मनोज जायसवाल) देश के कच्ची बांधों में शुमार सुप्रसिद्व व छत्तीसगढ का प्रमुख पं.रविशंकर जलाशय परियोजना(गंगरेल) बांध तट पर विराजी मां अंगारमोती देवी को तट में स्थापित किये जाने के पीछे अतीत में उतनी ही बातें है, जितनी कि पूर्व…
सबसे सुंदर स्त्री कौन? मनोज जायसवाल संपादक सशक्त हस्ताक्षर कांकेर छ.ग.
अब मुझे भी नहीं पता कि कौन स्त्री कितनी सुंदर है। सुंदरता का मापदंड क्या है? कोई मापदंड है या चेहरे की सुंदरता को मापदंड मान लिया गया है। चेहरे को या उनकी काया को भी.. चाहे बालीवुड हो या…
कलार समाज से आशान्वित सर्व पिछडा वर्ग समाज
(मनोज जायसवाल) पिछडा वर्ग को एकजुट होने की दरकार पूरी तरह एकजुट होकर इतिहास के पन्नों पर संगठित हुए कांकेर जिले में चारामा से राजधानी रायपुर तक आरक्षण सहित कुछ मुद्दों पर निकाली पूर्व की पैदल यात्रा के कुछ समय…
दोनों ने विदेशी जमीं पर बाते की पर माफ़ी एक ही क्यों मांगे?
(राकेश प्रताप सिंह परिहार) वसुधैव कुटुम्बकम, विश्व गुरु, विश्वबंधुत्व का नारा आप सब सुन ही रहे हैं।अगर इनका शाब्दिक अर्थ समझते तो यह बहस ही नहीं होती। इन्हीं बातों के तारतम्य यह कहा जा रहा है कि यह आदमी बाहर…
अपनो के सीने में पैर रख कर झंडा फहराना कहा की महानता है
-सफेद साड़ियों पर उंगली उठाने वाले कुछ ऐसे ही जो अपने सफेद कुर्ते पर झूठा रूतबा पाले बैठे हैं। जिसे देखें लोग अपनी महानता सिद्ध करने का प्रदर्शन करते नजर आते हैं। इसी क्रम में कई लोग जहां खुद की…
बेटी ‘रेशमा’ की विदाई पर स्वर्गादपि धरा अरौद में सबकी आंखे हुयी नम
(मनोज जायसवाल) -बहन को छोटे भाई अभिषेक साहू द्वारा पानी पिला कर नम आंखों से विदा करते उपस्थित लोग साक्षी बने ‘विदाई’ वो शब्द जिसकी वो परिकल्पना नहीं की थी मैंने। शादी की फिक्र जरूर! सच कहें तो उसकी विदाई…
सृष्टि के आरंभ में आज के दिन मध्यरात्रि को भोलेनाथ कालेश्वर के रूप में प्रकट हुए
– अंतर्राष्ट्रीय कथावाचकों की कथाओं से लोगों में जागृति बढ़ी। (मनोज जायसवाल) महाशिवरात्रि हिंदुओं का एक महत्वपूर्ण पर्व है। हमारे समाज में अधिकतर हिंदू भगवान शिव के उपासक हैं, इसलिए वे महाशिवरात्रि पर्व को काफ़ी उत्साह के साथ मनाते हैं।…
सुखी रहने के लिए दुःखी तो नहीं? मनोज जायसवाल संपादक सशक्त हस्ताक्षर छ.ग.
आधुनिकता की दौड़ में हम तेजी से दौड़ रहे हैं और भौतिक सुखों से सम्पन्न हैं। और सीधे शब्दों में कहें तो हम भौतिक सुख साधनों वस्तुओं से सुखी हो गए हैं। यह भी कड़वा सच है कि हम सुखी…























