आलेख

भाव खाने का नहीं भाव रखने का स्वभाव हो…

(मनोज जायसवाल) जीवनचर्या ऐसी हो गयी है कि कई लोगों में न चाहते हुए भी उनमें भाव प्रवेश कर गया है। जिसके चलते उनका स्वभाव ही भाव खाने का हो गया है। जबकि भाव रखने स्वभाव होना चाहिए। अहं रूपी…

इस दिल के तारों से…….

(मनोज जायसवाल) हरी भरी वनस्पतियों के लदी, जंगल में कहीं कोयल की कूक,झरने की झर झर की आवाज,रंग बिरंगे पक्षियों की चहचहाहट देर शाम उल्लू की आवाजें। चाहे फुर्सत के पल हो या कामकाज का समय। उन्हें नहीं लगता कि…

कहां गए कहानी के रूप में ज्ञान की बातें करने वाले

(मनोज जायसवाल) आप लोग किसी से आम चर्चा कर रहे हों तो कई दफा ऐसे वाक्यात आता है,जब लोग मुहावरों,कहावतों का प्रयोग करते हैं। ठीक ऐसे ही कई लोग ऐसे हैं जो चर्चाओं के दौरान सामने आने वाली समस्या का…

”लीड खबर का आशय स्टैंडर्ड नहीं” मनोज जायसवाल संपादक सशक्त हस्ताक्षर कांकेर (छ.ग.)

आज हिन्दी दिवस पर विशेष…. (मनोज जायसवाल) -तमाम हिन्दी के मात्राओं की त्रुटियों के बावजूद लीड खबर के नाम सोशल पटल पर वायरल कर झूठी वाहवाही का प्रयास किया जा रहा है। दौर अब वह नहीं रहा जहां सुबह आंचलिक…

संस्कारवान बनाने के लिए बच्चों में जरूरी है अभाव की ‘अनुभूति’

(शिक्षक दिवस- पांच सितम्बर पर विशेष) (स्वाती सिंह) पहले एमबीए, बीटेक आदि में लगभग सभी छात्र सामान्य से कुछ ऊपर परिवारों से ही आते थे। उनमें हर वक्त स्मार्ट बने रहने की ललक भी दिखती थी, यह ललक अब भी…

”धीमा-जहर” श्री अनिल कुमार मौर्य ‘अनल’ शिक्षक साहित्यकार कांकेर छ.ग.

साहित्यकार परिचय-अनिल कुमार मौर्य ‘अनल’ जन्म- 22  मई 1980 जन्म स्थान,संजय नगर,कांकेर छत्तीसगढ माता/पिता – फूलचंद माैर्य श्रीमती राेवती मौर्य,  पत्नी-श्रीमती दीप्ति मौर्य, पुत्र-संस्कार,पुत्री-जिज्ञासा मौर्य । शिक्षा- एमए(हिंदी) इतिहास एवं सन! 2019 में विश्व विद्यालय जगदलपुर द्वारा मास्टर आफ आर्ट…

तीज पर क्यों खाते हैं! ‘करू भात’ मनोज जायसवाल संपादक सशक्त हस्ताक्षर छत्तीसगढ

देश में मुख्यतः छत्तीसगढ़ के हर तीज त्यौहारों में व्रत के साथ खानपान का भी विशिष्ट परंपराएं हैं। यह परंपराएं संभवतया स्वास्थ्य को दृष्टिगत रखते बनायी गयी है। हरियाली से प्रारंभ तीज त्यौहार की कड़ी में महिलाओं का प्रमुख तीज…

दुखों पर ही याद किए जाते हैं ”दामाद” श्री मनोज जायसवाल संपादक सशक्त हस्ताक्षर छ.ग.

‘दामाद’ परिवार का एक अहम जिम्मेदार सदस्य के रूप में जाना जाने वाला पुराना स्वर्णिम अतीत से रिश्ता रहा है।लेकिन आज उपेक्षित रिश्ता बनते जा रहा है। लेकिन अब संभवतया दामाद को वह सम्मान नहीं मिलता जो पहले मिला करता…

”टेलर मास्टर प्रीतमदास कुलदीप” श्री अनिल कुमार मौर्य ‘अनल’ शिक्षक साहित्यकार कांकेर छ.ग.

साहित्यकार परिचय-अनिल कुमार मौर्य ‘अनल’ जन्म- 22  मई 1980 जन्म स्थान,संजय नगर,कांकेर छत्तीसगढ माता/पिता – फूलचंद माैर्य श्रीमती राेवती मौर्य,  पत्नी-श्रीमती दीप्ति मौर्य, पुत्र-संस्कार,पुत्री-जिज्ञासा मौर्य । शिक्षा- एमए(हिंदी) इतिहास एवं सन! 2019 में विश्व विद्यालय जगदलपुर द्वारा मास्टर आफ आर्ट…

‘हरितालिका तीज हिन्दू धर्म का सबसे बडा व्रत’ श्री मनोज जायसवाल संपादक सशक्त हस्ताक्षर छत्तीसगढ़

हरितालिका तीज भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को मनाया जाता है। अन्य तीज त्यौहारों की तरह इसकी भी मान्यताएं हैं। एक कथा के मुताबिक मां पार्वती ने अपने पूर्व जन्म में भगवान शंकर को पति रूप में…

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