”धीमा-जहर” श्री अनिल कुमार मौर्य ‘अनल’ शिक्षक साहित्यकार कांकेर छ.ग.
साहित्यकार परिचय-अनिल कुमार मौर्य ‘अनल’ जन्म- 22 मई 1980 जन्म स्थान,संजय नगर,कांकेर छत्तीसगढ माता/पिता – फूलचंद माैर्य श्रीमती राेवती मौर्य, पत्नी-श्रीमती दीप्ति मौर्य, पुत्र-संस्कार,पुत्री-जिज्ञासा मौर्य । शिक्षा- एमए(हिंदी) इतिहास एवं सन! 2019 में विश्व विद्यालय जगदलपुर द्वारा मास्टर आफ आर्ट…
तीज पर क्यों खाते हैं! ‘करू भात’ मनोज जायसवाल संपादक सशक्त हस्ताक्षर छत्तीसगढ
देश में मुख्यतः छत्तीसगढ़ के हर तीज त्यौहारों में व्रत के साथ खानपान का भी विशिष्ट परंपराएं हैं। यह परंपराएं संभवतया स्वास्थ्य को दृष्टिगत रखते बनायी गयी है। हरियाली से प्रारंभ तीज त्यौहार की कड़ी में महिलाओं का प्रमुख तीज…
दुखों पर ही याद किए जाते हैं ”दामाद” श्री मनोज जायसवाल संपादक सशक्त हस्ताक्षर छ.ग.
‘दामाद’ परिवार का एक अहम जिम्मेदार सदस्य के रूप में जाना जाने वाला पुराना स्वर्णिम अतीत से रिश्ता रहा है।लेकिन आज उपेक्षित रिश्ता बनते जा रहा है। लेकिन अब संभवतया दामाद को वह सम्मान नहीं मिलता जो पहले मिला करता…
”टेलर मास्टर प्रीतमदास कुलदीप” श्री अनिल कुमार मौर्य ‘अनल’ शिक्षक साहित्यकार कांकेर छ.ग.
साहित्यकार परिचय-अनिल कुमार मौर्य ‘अनल’ जन्म- 22 मई 1980 जन्म स्थान,संजय नगर,कांकेर छत्तीसगढ माता/पिता – फूलचंद माैर्य श्रीमती राेवती मौर्य, पत्नी-श्रीमती दीप्ति मौर्य, पुत्र-संस्कार,पुत्री-जिज्ञासा मौर्य । शिक्षा- एमए(हिंदी) इतिहास एवं सन! 2019 में विश्व विद्यालय जगदलपुर द्वारा मास्टर आफ आर्ट…
‘हरितालिका तीज हिन्दू धर्म का सबसे बडा व्रत’ श्री मनोज जायसवाल संपादक सशक्त हस्ताक्षर छत्तीसगढ़
हरितालिका तीज भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को मनाया जाता है। अन्य तीज त्यौहारों की तरह इसकी भी मान्यताएं हैं। एक कथा के मुताबिक मां पार्वती ने अपने पूर्व जन्म में भगवान शंकर को पति रूप में…
‘ये है रूहों के बंधन’श्री मनोज जायसवाल संपादक सशक्त हस्ताक्षर छत्तीसगढ़
‘प्यार’ के नाम मन रूपी मिल्कियत की वसीयत लिख दी जाती है,उनके नाम उसी सुनहरे पन्नों पर जहां जीवन चलना है। इसी जिंदगी के इस पड़ाव से पार होते ये ‘प्यार’ और स्नेह ‘पुष्पित’ और ‘पल्लवित’ होते हैं।भावनाओं की कद्र…
‘सच कहें तो महिला विरोधी, चुप रहें तो विचार शुन्यता’ श्री मनोज जायसवाल संपादक सशक्त हस्ताक्षर छत्तीसगढ़
जिसके जन्म के बाद पिता की डांट में पलता बढ़ता है,वह इतना मंजता है कि एक दिन परिवार की मुख्य धुरी बनता है। अपने बालपन में बहनों के साथ कैसे स्नेह के नाम हमेशा तिरस्कारित किया जाता रहा किस प्रकार…
प्रथम दूध से बनते हैं ये ‘पेउंस’ श्री मनोज जायसवाल,संपादक सशक्त हस्ताक्षर छत्तीसगढ़
वैसे तो गाय के दूध से कई खाद्य चीजें बनायी जाती है,लेकिन पेउंस प्रथमतया है। अन्य प्रदेशों में इसे अलग नाम से जाना जाता हो। गाय जब बछड़े को जन्म देती है,तब के बाद आने वाला दूध काफी गाढ़ा होता…
जब लता मंगेशकर जी को डीनर पर.. अनुराग ठाकुर (चौहान) श्री मनाेज जायसवाल संपादक सशक्त हस्ताक्षर छत्तीसगढ
”चंदैनी गाेंदा” इस मंच पर रहते हुए अनुराग ठाकुर चाैहान को देश के कोने कोने में कार्यक्रम देने के सुअवसर प्राप्त हुए जिसका वे स्वयं इस बात की चर्चा करते हुए कहती है कि कार्यक्रम तो अनेको दिए किन्तु कुछ…
‘समकालीन’ कविता में सार्थक, सत्यान्वेषी, मूल्य- बोधी एवं मंथन- कविता का उदय डाॅ. अचल भारतीवरिष्ठ साहित्यकार बांका,बिहार
साधारणतया अनुभूति के स्तर पर आदमी और उसके संसार की दोषपूर्ण व्यवस्था तथा उसके तत्संबंधित क्रिया- कलापों एवं यथास्थैतिक सुख- दु:ख जनित संबंधों आदि को, समकाल में उद्घाटित करने की विशिष्ट पद्यात्मक शब्द- कला ही समकालीन कविता है | इस…























