आलेख

मां अन्नपूर्णा के दिए प्रसाद का अपमान क्यों?(मनोज जायसवाल संपादक सशक्त हस्ताक्षर छ.ग.)

  इसे उनकी बेशर्मीयत कहें, आदत से लाचार कहें या अंतस से हम कोसते रहें कि जो शिक्षित साभ्रांत होने का दंभ भरते हैं और कईयों तो आज के सोशल मीडिया पटल पर पढते और चिंता जताते दूसरों को नसीहतें…

हमारी संस्कृति,हमारी विरासत (मनोज जायसवाल संपादक सशक्त हस्ताक्षर छ.ग. )

-पैसे उड़ाती परंपराओं से दूर छ.ग. में लोक सांस्कृतिक मंच हां, हमें पता है कि छत्तीसगढ़ कला जगत के उदीयमान काल में जब नाचा पार्टी का आयोजन प्रमुखता से लोगों के मनोरंजन का साधन हुआ करता था। नाचा पार्टी में…

जिनका पूरा जीवन मानवता को समर्पित रहा..श्रीसत्य साई बाबा ( मनोज जायसवाल, संपादक सशक्त हस्ताक्षर छ.ग. )

23 नवंबर श्रीसत्य साई जन्म दिवस पर विशेष ….. प्रभावशाली आध्यामिक गुरूओं में एक श्रीसत्य साई बाबा जिनका बचपन का नाम सत्य नारायण राजू था का जन्म 23 नवंबर 1926 को हुआ था।जहां भक्त उन्हें शिरडी के साई का अवतार…

सुक्ष्म उपस्थिति में श्रीसत्य साई बाबा (मनाेज जायसवाल संपादक सशक्त हस्ताक्षर छ.ग.)

भारत के लगभग हर प्रदेश में श्रीसत्य साई संगठन आध्यात्मिक धार्मिक क्षेत्रों में बाबा की भौतिक उपस्थिती से वर्तमान तक काम कर रहे हैं। बाबा को मानने वाले अनुयायियों में राजनीती कला जगत से लेकर उद्वोगपति एवं विदेशों में भी…

मेरा उनसे नहीं जमता..( मनोज जायसवाल संपादक सशक्त हस्ताक्षर छ.ग. )

  -टंगिया में मार के,बसुला में सुधारत हे महिला वर्ग में आम जीवनचर्या में बात बात पर चुगली किए जाने,बात नहीं पचने की बात करने वाले कुछ पुरूष की औकात भी आप सोसायटी में देख ही लीजिए कैसे द्वेश विद्वेश…

बहन से आत्मीय संबंध नहीं, तो आपके जीवन में है क्या? (मनोज जायसवाल संपादक सशक्त हस्ताक्षर छ.ग. )

  बचपने में भाई बहन के रिश्तों में जिस तरह खेल खेल में लड़ाई झगड़ा और फिर कुछ देर में ही मित्रता जैसे भाव लेते एक हो जाने और फिर रोजमर्रा बितायी जाती थी। विवाह के बाद भी कभी-कभी तनावपूर्ण…

‘बेलिया दाल के साथ बस्तर रखिये की बड़ी’ (मनोज जायसवाल संपादक सशक्त हस्ताक्षर छ.ग.)

  सीताफल,जिमीकंद,वाराही कंद के बाद इन दिनों छत्तीसगढ के गावों में प्रमुख रूप से बस्तर क्षेत्र की छत छानियों में रखिये का फल देखा जा सकता है। कम पानी की जरूरत वाला रखिये की फसल इस बार हालांकि कमजोर है।अमुमन…

‘पार्टी विशेष साहित्यकार कहलाने पर गुरेज नहीं’ (मनोज जायसवाल संपादक सशक्त हस्ताक्षर छ.ग.)

स्व-विवेक चिंतन मनन, बयान और अब तो स्वतंत्र अभिव्यक्ति भी मिलावट से युक्त होती जा रही,ऐसा लगता है। सियासी क्षेत्र में तो अपने लीडर की बातों,बयानों के साथ चलना पड़ता है। यह इनकी मजबूरी है कि किसी की अभिव्यक्ति में…

‘स्वच्छता’ पर गौरवान्वित हुआ छत्तीसगढ़ (मनोज जायसवाल पत्रकार संपादक सशक्त हस्ताक्षर )

छत्तीसगढ़ प्रदेश के लिए एक और गौरवान्वित होने का दिन है कि आगामी 20 नवंबर को देश की राजधानी नई दिल्ली के विज्ञान भवन में आजादी का अमृत महोत्सव के अंतर्गत आयोजित स्वच्छ अमृत महोत्सव में छत्तीसगढ़ को तीसरे वर्ष…

घरेलू कीचन से बफे में जिमीकंद की धमक (मनोज जायसवाल)

छत्तीसगढ़ के बस्तर में मिलने वाली देशी खाद्य चीजों में जिमीकंद भी मुख्य है। जिसकी सुदूर अंचलों में अच्छी उत्पादन होती है। यह बिना किसी कीटनाशक के पूर्ण रूप से प्राकृतिक कंद है। हालांकि बाजारों में काफी मांग के चलते…

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