आलेख

‘प्रेम संजीवनी है, नशा नहीं ” श्रीमती माधुरी कर वरिष्ठ साहित्यकार कवयित्री,रायपुर छत्तीसगढ़

”प्रेम संजीवनी है, नशा नहीं ” मेरे प्यार को तराजू में तौलो ना, बराबरी कभी न कर पाओगे तुम मेरे मनमोहन घनश्याम बनो, मैं राधा ही हूं। आओ सत्कर्मों के द्वारा रचनाएं मधुर मुरली बजाओ,सखी,सहेलियां आई है ना! एक बार…

लडकी से वंश की ख्वाहिश और लडके से….? श्री मनोज जायसवाल संपादक सशक्त हस्ताक्षर छत्तीसगढ़

लड़की ढूंढते समय रिश्तेे स्थापित होने में तरह तरह की बातें सामने आती है। ऐसे कई लड़कों सहित अभिभावकों को देखा जा सकता है जो कई वर्षों से लड़की ढूंढ रहे होते हैं और अंतिम स्थिति में किस्मत को दोष…

भावनात्मक डायलाग जो भूले नहीं भुलाये जा सकते श्री मनोज जायसवाल,संपादक सशक्त हस्ताक्षर छ.ग.

‘प्रेम रोग’ के एक दृश्य में जब नायिका कहती है कि उनके पैर में कांटा चुभने पर नायक द्वारा निकाले जाने का प्रयास करता है तब वह इससे स्वयं को दूर रखते अपने विधवा होने का याद दिलाती है कहती…

विद्यालय में हिजाब क्यों? श्रीमती आरती जायसवाल कथाकर,समीक्षक रायबरेली उ.प्र.

कर्नाटक उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश ने कहा; कि स्कूल कालेज में हिजाब और भगवा स्कार्फ का जिद नही कर सकते हैं छात्र। अगली सुनवाई 14 फरवरी को होगी।  आशा है कि न्यायपालिका राष्ट्र की गरिमा और विद्यालय के अनुशासन…

अधिकार नहीं तो हम क्यों हो नाराज? श्री मनाेज जायसवाल संपादक सशक्त हस्ताक्षर छ.ग.

नहीं! नाराजगी की क्या बात! और फिर नाराजगी के लिए भी तो अधिकार होना चाहिए। जो तुमने किसी को दिया कहां है। आत्मीय बनना और बनाना दोनों अहम है। जिस कदर भौतिक सरोकार कम हुआ है,सोशल पर उंगली फिराये जा…

‘साहित्य में आज खुलेपन का दौर विचारणीय’श्री संतोष श्रीवास्तव ‘सम’ संपादक जागाे भारत कांकेर छ.ग.

साहित्यकार परिचय- श्री संतोष श्रीवास्तव ‘सम’ जन्म- 6 सितंबर 1969 माता-पिता –स्व. श्री राजेश्वर प्रसाद श्रीवास्तव, श्रीमती सुशीला देवी श्रीवास्तव, शिक्षा- एम. ए. हिंदी साहित्य, इतिहास। डीएड। प्रकाशन-कविता संग्रह-आसमां छोड़ सूरज जब चल देगा। तुम प्रतिपल हो। कहानी संग्रह–वे सौदागर…

”मेरा देश महान” सुश्री नलिनीप्रभा बाजपेयी शिक्षिका,साहित्यकार कांकेर छ.ग.

साहित्यकार परिचय-सुश्री नलिनी बाजपेयी जन्म-22.07.1961 छत्तीसगढ प्रदेश के बलाैदाबाजार  में। माता-पिता-श्रीमती दुर्गा बाजपेयी,श्री नर्मदा शंकर बाजपेयी शिक्षा–एम.ए. हिंदी,इतिहास, राजनीति शास्त्र,समाज शास्त्र प्रकाशन-प्रकाशित पुस्तकें- एकल-प्रक्रिया में सांझा संकलन-14(नवलोकांचल गीत,सरस्वती प्राथम्य,काव्य साधना,काव्य धरोहर,उम्मीद,लहर,नव्या, लघुकथा संग्रह,माँ का उत्सव, कहानी संग्रह,आदि) आकाशवाणी जगदलपुर से…

कौन थे, देवार,बसदेवा,लांझिया श्री मनोज जायसवाल संपादक सशक्त हस्ताक्षर छ.ग.

  -छत्तीसगढ़ में इनके गीतों का संवर्धन बेहद जरूरी। छत्तीसगढ़ में कही जाने वाली कथा के मुताबिक देवार जाति जो राजा महाराजाओं के यहां अपनी मीठी सुरों से गायन कर मनोरंजन करते थे। कहा जाता है कि एक बार उन्हीं…

‘वो रोमांटिक फिल्मों का दौर’ और आज श्री मनोज जायसवाल,संपादक सशक्त हस्ताक्षर छ.ग.

तब के दशक की रोमांटिक फिल्मों के दौर में भले ही ऐसा लगा कि उतनी सफल नहीं रही पर बदलते वक्त के साथ आज पता चलता है कि वो फिल्में कितनी खासी थी। रोमांटिक फिल्मों के दौर में विभोर कर…

”जैनेटिक शोध” श्रीमती पुष्पलता इंगोले वरिष्ठ साहित्यकार,धमतरी छ.ग.

साहित्यकार परिचय-श्रीमती पुष्पलता इंगोले जन्म- 24 दिसम्बर 1948 श्योपुर(स्टेट ग्वालियर) म.प्र. माता-पिता – स्व. श्री जे.जी.इंगोले, स्व.श्रीमती स्नेहलता महाडीक। पति-श्री ए.आर.इंगोले(सेवानिवृत्त प्रोफेसर) शिक्षा-एम.ए.(राजनीति)बी.एड. प्रकाशन- छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मण्डल हेतु पाठ्यपुस्तक लेखन(9वीं,10वीं) सामाजिक विज्ञान,विभीन्न पत्र-पत्रिकाओं में कहानियां, निबंध एवं कविताओं का…

error: Content is protected !!