देश

‘सामाजिक सत्ता की बानगी’ मनोज जायसवाल संपादक सशक्त हस्ताक्षर कांकेर(छ.ग.)

(मनोज जायसवाल) पांच साल के लिए सौंपी गयी सामाजिक सत्ता की उल्टी गिनती तो उस दिन से शुरू हो जाती है, जिस दिन से कामकाज ही शुरू नहीं किए वरन सत्ता ग्रहण किए थे।लोगों को तवज्जो देने की बात का…

‘संवेदनाओं में प्यार का बंधन’ मनोज जायसवाल संपादक सशक्त हस्ताक्षर कांकेर(छ.ग.)

(मनोज जायसवाल) ऐसा भी माना जाता है, कि आपका इस जन्म में किसी से घनिष्टता, लगाव कहीं ना कहीं पूर्व जन्म के अधूरे संबंधों को पूरा किए जाने के नाम होता है। वरन कभी-कभी जिनसे भौतिक रूप से मुलाकात ना…

‘यादें ही शेष रह जायेंगी’मनोज जायसवाल संपादक सशक्त हस्ताक्षर कांकेर(छ.ग.)

(मनोज जायसवाल) निश्चित रूप से आज सोशल मीडिया की दुनिया ऐसी हो गयी है,जब नजदीक रहते हुए भी भौतिक बातचीतों से दूर लोग मोबाईल पर उंगली फिरा रहे होते हैं। दुनिया भर के दिखावे आडंबर में डुबे कई लोग सोशल…

”ना उम्र का हो बंधन” मनोज जायसवाल संपादक सशक्त हस्ताक्षर कांकेर(छ.ग.)

(मनोज जायसवाल) जहां भी प्रेम के स्वरूप का दर्शन हो, वहां द्वेश,क्लेश,विद्वेश,जलन की नजर। जीवनचर्या का यही हाल है, अपने को न देख दूसरों को देखना। प्रेम किसी एक से बंधा स्वरूप नहीं। किसी की सुंदरता,किसी की प्रतिभा प्रेम के…

“जागृति” डॉ. राखी कोर्राम(गुड़िया ) साहित्यकार कांकेर (छत्तीसगढ)

साहित्यकार-परिचय डॉ. राखी कोर्राम’गुड़िया’ माता– पिता –  श्रीमती  छबीला मरकाम श्री बलीराम मरकाम जन्म – 11 अगस्त 1979 रामपुर (जुनवानी) शिक्षा – एम. ए.समाजशास्त्र । पोस्ट बी.एस.सी.नर्सिंग।-डॉक्टर ऑफ़ लिटरेचर (डी.लिट.)  प्रकाशन–काव्य संग्रह -गुड़िया, गुड़िया-2,गुड़िया -3  (4) – रंग प्रेम का …

“मित्र” डॉ. राखी कोर्राम(गुड़िया ) साहित्यकार कांकेर छत्तीसगढ

साहित्यकार-परिचय डॉ. राखी कोर्राम(गुड़िया )   माता– पिता –  श्रीमती  छबीला मरकाम श्री बलीराम मरकाम जन्म – 11 अगस्त 1979 रामपुर (जुनवानी) शिक्षा – एम. ए.समाजशास्त्र । पोस्ट बी.एस.सी.नर्सिंग।-डॉक्टर ऑफ़ लिटरेचर (डी.लिट.)   प्रकाशन–काव्य संग्रह -गुड़िया, गुड़िया-2,गुड़िया -3  (4) – रंग…

पेट की चिंता की क्या जरूरत? मनोज जायसवाल संपादक सशक्त हस्ताक्षर कांकेर(छ.ग.)

(मनोज जायसवाल) दुनिया के किसी भी जीव जंतुओं को खाने की इतनी नहीं पड़ी रहती, जितने कि आदमी को। कैसे जिस किसी काम के लिए जा रहे हों और खाने की फिक्र पहले करते हैं। कई लोग ऐसे हैं,जो बिना…

‘तलाक के नाम बना दिए मासूमों को अनाथ’ मनोज जायसवाल संपादक सशक्त हस्ताक्षर कांकेर(छ.ग.)

-जीवन में बहार लाने कथा श्रवण जरूरी। (मनोज जायसवाल) अपने पारिवारिक जीवन में बहार लाने के लिए कथा श्रवण से बढ़कर और कोई सशक्त माध्यम नहीं है। कथा श्रवण के साथ पाठन भी उतना ही महत्वपूर्ण है, लेकिन श्रवण करने…

‘वैवाहिक संस्कारों में भीड की कुरीति’ मनोज जायसवाल संपादक सशक्त हस्ताक्षर कांकेर(छ.ग.)

(मनोज जायसवाल) महानगरीय ‘शहरिया’ संस्कृति आज गावों तक आने से जिस तरह आर्थिक ढांचे को पोला कर रही है,निश्चित रूप से कहीं पुनः अतीत के वो दिन ना आए जहां हम जीवन के संस्कारों को अपने परिजनों के साथ पूरा…

रेप (Rap) डॉ. किशन टण्डन ‘क्रान्ति’ वरिष्ठ साहित्यकार रायपुर छ.ग.

साहित्यकार परिचय : डॉ. किशन टण्डन ‘क्रान्ति’ माता : श्रीमती मोगरा देवी  पिता : स्व. श्री रामखिलावन टण्डन जीवनसंगिनी : श्रीमती गायत्री देवी जन्म : 01 जुलाई 1964, मस्तूरी, जिला-बिलासपुर, छ.ग. (भारत) शिक्षा : एम. ए. (समाजशास्त्र, इतिहास, राजनीति विज्ञान)…

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