”अन्धे की सूझ” श्री गजपति राम साहू वरिष्ठ साहित्यकार कोड़ेवां बालोद छ.ग.
साहित्यकार परिचय-श्री गजपति राम साहू जन्म- 16.06.1958ग्राम-कोड़ेवा(सिकोसा) तह.गुण्डरदेही,जिला-बालोद (छ.ग.) माता-पिता – स्व.गंगू राम साहू स्व.श्रीमती मथुरा बाई साहू पत्नी श्रीमती सुशीला साहू शिक्षा- बी.ए. प्रकाशन- काव्य संग्रह (हिन्दी) 1. ज्ञान सेतु,2. भक्ति सरोवर 3. नीति वाटिका काव्य संग्रह छत्तीसगढ़ी 1….
“आम आदमी ” डॉ. राखी कोर्राम(गुड़िया ) साहित्यकार कांकेर छ.ग.
साहित्यकार-परिचय- डॉ. राखी कोर्राम(गुड़िया ) माता– पिता – श्रीमती छबीला मरकाम श्री बलीराम मरकाम जन्म – 11 अगस्त 1979 रामपुर (जुनवानी) शिक्षा – एम. ए.समाजशास्त्र । पोस्ट बी.एस.सी.नर्सिंग प्रकाशन–काव्य संग्रह – “गुड़िया”,गुड़िया-2 गुड़िया-3 समाचार पत्रपत्रिकाओं में प्रकाशन। कला साहित्य को…
” तम्बाकू “डॉ. राखी कोर्राम(गुड़िया ) साहित्यकार कांकेर छत्तीसगढ
साहित्यकार-परिचय- डॉ. राखी कोर्राम(गुड़िया ) माता– पिता – श्रीमती छबीला मरकाम श्री बलीराम मरकाम जन्म – 11 अगस्त 1979 रामपुर (जुनवानी) शिक्षा – एम. ए.समाजशास्त्र । पोस्ट बी.एस.सी.नर्सिंग प्रकाशन–काव्य संग्रह – “गुड़िया”,गुड़िया-2 गुड़िया-3 समाचार पत्रपत्रिकाओं में प्रकाशन। कला साहित्य को…
‘ये बंधन है,स्नेह का’ मनोज जायसवाल संपादक सशक्त हस्ताक्षर कांकेर छ.ग.
(मनोज जायसवाल) ये बंधन है भाई बहन के असीम स्नेह काǃ ये खुशियों का क्षण है, उस भविष्य का जो यह परिवार याद रखेगा। प्रथम दिन जहां मंडपाच्छादन की बेला पर पारंपरिक रूप से रस्मो परंपराएं निभायी जाती है, और…
समाज-‘रोते जीवन बिता देना दुर्भाग्य’ मनोज जायसवाल संपादक ‘सशक्त हस्ताक्षर’ कांकेर छ.ग.
रोते जन्म लेना अभिशाप नहीं रोते जीवन बिता देना दुर्भाग्य (मनोज जायसवाल) दुनिया के हर जीव उसके वर्तमान जीवन में भोग कर लेता है, चाहे कुत्ता, बिल्ली हो या अन्य सभी जीव जंतु। कई जीव जंतु की उम्र बहुत अल्प…
”ऑनलाइन 72 वाँ तरही मुशायरा बरेली से सम्पन्न ”
बरेली(सशक्त हस्ताक्षर)। ग़ज़ल मंच का ऑनलाइन 72 वाँ तरही मुशायरा बरेली के मशहूर वरिष्ठ शायर प्रतिष्ठित गजलकार जनाब मोहतरम विनय सागर जायसवाल की सदारत में सम्पन्न हुआ।मुशायरे की निजामत सवीना वर्मा “सवी” (अम्बाला) ने की। मेहमानें ख़ास रहीं सुनीता लुल्ला…
‘सामाजिक सत्ता,पद की लालसा के नाम’ मनोज जायसवाल संपादक सशक्त हस्ताक्षर छत्तीसगढ़
(मनोज जायसवाल) क्या कारण है कि धार्मिक, आध्यात्मिक संगठन बहूत हद तक सफल है,लेकिन सामाजिक संगठनों की स्थिति निर्वाचन के प्रथम अधिवेशन में ही गुटबाजी,असंतोष झेलते जान पड़ती है। असंतोष का कारण लोगों के बीच यही है कि सियासी या…
‘अंतर्राष्ट्रीय कथावाचक पं. प्रदीप मिश्रा के आयोजन की तैयारी प्रारंभ’
(मनोज जायसवाल) कांकेर(सशक्त हस्ताक्षर)।देव भूमि भारत और इसी भारत का दैवीय भूमि बस्तर जिस धरा पर भगवान विष्णु के यात्रा की स्वर्णिम अतीत। देश ही नहीं पूरे विश्व को आकर्षित करने वाले बस्तर की धरा में युं तो अनेकानेक ऐसे…
बिटियाः’घर आंगन से विदाई तक’ मनोज जायसवाल संपादक सशक्त हस्ताक्षर कांकेर छत्तीसगढ
(मनोज जायसवाल) लडकी जब ‘बाबुल’ के घर होती है‚ तब उसका स्थान बेटे से भी बढकर होता है। सुदुर जगहों में समाज के अंतिम पंक्ति में भी देखें तो वह ‘परिवार’ की धुरी होती है‚ जहां वह सर्वस्व जिम्मेदारियां निभा…
सामाजिक सत्ता- ‘कार्यकारिणी विस्तार में आपकी भुमिका’ मनोज जायसवाल संपादक सशक्त हस्ताक्षर कांकेर छ.ग.
-समाजसेवा के लिए उत्सुक हैं तो पद का नहीं कार्य का जज्बा पैदा करें (मनोज जायसवाल) हर समाज में पदाधिकारियों के निर्वाचन की अपनी प्रक्रिया और परंपरा होती है। अध्यक्ष एवं कुछ पद के निर्वाचन उपरांत कार्यकारिणी टीम का विस्तार…























