‘बोड़ा सहित बस्तर खाद्य चीजें राजमार्ग पर’ मनोज जायसवाल संपादक सशक्त हस्ताक्षर छ.ग.
(मनोज जायसवाल) प्रति वर्ष जून में प्रथम मानसुनी बारिश के बाद से ही धूप निकलने पर बाजारों में बोड़ा बिकने आ जाता है। जी, हां इस बोडा में प्रचुर मात्रा में प्रोटीन,फाईबर और विटामिन डी का प्रमुख स्त्रोत है। औषधीय…
”ना उम्र का हो बंधन” मनोज जायसवाल संपादक सशक्त हस्ताक्षर कांकेर(छ.ग.)
(मनोज जायसवाल) जहां भी प्रेम के स्वरूप का दर्शन हो, वहां द्वेश,क्लेश,विद्वेश,जलन की नजर। जीवनचर्या का यही हाल है, अपने को न देख दूसरों को देखना। प्रेम किसी एक से बंधा स्वरूप नहीं। किसी की सुंदरता,किसी की प्रतिभा प्रेम के…
‘सामाजिक समरसता की मिसाल गिरोला’ मनोज जायसवाल संपादक सशक्त हस्ताक्षर कांकेर(छ.ग.)
-माता मावली देवी को समर्पित गिरोला वासियों की आस्था। (मनोज जायसवाल) रायपुर-जगदलपूर राष्ट्रीय राजमार्ग 30 मध्य बस्तर कोण्डागांव जिला मुख्यालय से 10 किमी तथा ग्राम पंचायत मसोरा से पूर्व की ओर मसोरा हाडीगांव मार्ग पर राजमार्ग 30 से तीन किमी…
”कल और आज” अनिल कुमार मौर्य ‘अनल’ शिक्षक साहित्यकार कांकेर छ.ग.
साहित्यकार परिचय-अनिल कुमार मौर्य ‘अनल’ जन्म- 22 मई 1980 जन्म स्थान,संजय नगर,कांकेर छत्तीसगढ माता/पिता – फूलचंद माैर्य श्रीमती राेवती मौर्य, पत्नी-श्रीमती दीप्ति मौर्य, पुत्र-संस्कार,पुत्री-जिज्ञासा मौर्य । शिक्षा- एमए(हिंदी) इतिहास एवं सन! 2019 में विश्व विद्यालय जगदलपुर द्वारा मास्टर आफ आर्ट…
‘दोना पत्तल में खाने का मजा लीजिए’ मनोज जायसवाल संपादक सशक्त हस्ताक्षर कांकेर(छ.ग.)
-बस्तर में साल के पत्तों से बनाये दोना पत्तल में खानपान का अपना मजा। (मनोज जायसवाल) इस बार की गर्मी की तपिश सबको परेशान कर रखी है। नगरों में एसी.कूलर तक काम नहीं कर रहे हैं। तापमान ही उच्च डिग्री…
पेट की चिंता की क्या जरूरत? मनोज जायसवाल संपादक सशक्त हस्ताक्षर कांकेर(छ.ग.)
(मनोज जायसवाल) दुनिया के किसी भी जीव जंतुओं को खाने की इतनी नहीं पड़ी रहती, जितने कि आदमी को। कैसे जिस किसी काम के लिए जा रहे हों और खाने की फिक्र पहले करते हैं। कई लोग ऐसे हैं,जो बिना…
‘तलाक के नाम बना दिए मासूमों को अनाथ’ मनोज जायसवाल संपादक सशक्त हस्ताक्षर कांकेर(छ.ग.)
-जीवन में बहार लाने कथा श्रवण जरूरी। (मनोज जायसवाल) अपने पारिवारिक जीवन में बहार लाने के लिए कथा श्रवण से बढ़कर और कोई सशक्त माध्यम नहीं है। कथा श्रवण के साथ पाठन भी उतना ही महत्वपूर्ण है, लेकिन श्रवण करने…
‘वैवाहिक संस्कारों में भीड की कुरीति’ मनोज जायसवाल संपादक सशक्त हस्ताक्षर कांकेर(छ.ग.)
(मनोज जायसवाल) महानगरीय ‘शहरिया’ संस्कृति आज गावों तक आने से जिस तरह आर्थिक ढांचे को पोला कर रही है,निश्चित रूप से कहीं पुनः अतीत के वो दिन ना आए जहां हम जीवन के संस्कारों को अपने परिजनों के साथ पूरा…
”ओडिशा का प्रमुख रोजो पर्व आज” देवमनी माहतो तिलका नगर, सुंदरगढ़( ओडिशा)
(देवमनी माहतो) रोजो पर्व आस्था और विश्वास का पर्व है। मान्यता है कि इसी दिन धरती माता रजोस्वला होती है। ज्येष्ठ महीना का अंतिम दिन मासांत आषाढ़ का प्रथम दिन संक्राती होता है। इसलिए झारखंड में रोजो पर्व को मासांत…
”राम के आदर्शाे के साथ बस्तर में लोकजीवन”मनोज जायसवाल संपादक सशक्त हस्ताक्षर,कांकेर (छ.ग.)
-सम्पूर्ण बस्तर में आगंतुकों का पैर धुला कर किया जाता है‚स्वागत। (मनोज जायसवाल) कौशिल्या का मायका, राम का ननिहाल होने के चलते छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक धरोहर और यहां की संस्कृति के साथ ही लोक जीवन में छाप भी पूरी तरह…























