तलाक-‘घुटनभरी जीवन यात्रा’ मनोज जायसवाल संपादक सशक्त हस्ताक्षर कांकेर (छ.ग.)
(मनोज जायसवाल) प्रत्येक समाज आज तलाक यानि दाम्पत्य जीवन के संबंध विच्छेद जैसे प्रकरणों से जूझ रहा है। विडंबना कहें, या मजबूरी! कि जिन दो परिवारों का पुत्र-पुत्रियों में अग्नि को साक्षी मानकर सात फेरे लेते,सात वचन निभायी जाने की…
क्या है,प्यार बताओ ना? मनोज जायसवाल संपादक सशक्त हस्ताक्षर कांकेर (छ.ग.)
(मनोज जायसवाल) ‘प्रेम’ शास्वत सत्य है। ‘प्रेम’ पर कोई काव्य,लेख,कहानी लिखकर तो कला संगीत जगत में कोई मधुर आवाजों में गाकर तो कोई प्रेम की धून बजा कर फिर कोई प्रदर्शन के स्वरूप में सिने चलचित्र पटल पर इसके साथ…
अपनत्व नहीं तो प्यार कहां? मनोज जायसवाल संपादक सशक्त हस्ताक्षर कांकेर छ.ग.
(मनोज जायसवाल) लाख कहें वो तो हमारे दिलों में है,कहने वाली बात ही होगी। अपनत्व का भाव तो आभासी अहसासों में ही नहीं वरन भौतिक मुलाकातों में निहीत है। कहने के नाम बड़ी-बड़ी बातें जरूर पर यह कोरी मिथ्या के…
‘रस्म अदायगी ना हो‚ दिल से हो पर्यावरण संरक्षण’ मनोज जायसवाल संपादक सशक्त हस्ताक्षर कांकेर छ.ग.
(मनोज जायसवाल) आज 5 जून सभी को याद आता है कि आज विश्व पर्यावरण दिवस है। बता दें सन् 1972 में संयुक्त राष्ट्र संघ ने स्टाकहोम (स्वीडन) में विश्व भर के देशों का पहला पर्यावरण सम्मेलन आयोजित किया। इसमें 119…
‘कलार समाज की नारी नेे कैकई नाम का भ्रम तोड़ा’ मनोज जायसवाल संपादक सशक्त हस्ताक्षर कांकेर (छ.ग.)
(मनोज जायसवाल) -कैकई बसती है, भैंसाकट्टा में सुमित्रा,कौशिल्या है, बहन। चारामा विकासखंड का हाराडुला गांव है मायका। कैकई सहित सुमित्रा,कौशिल्या का अद्भुत संयोग। भगवान राम को 14 वर्ष वनवास भेजने वाली माता कैकई से पुत्र भरत मिलते हैं, तो उन्हें…
कांकेर में वह पत्थर मौजूद जिस पर बैठ लिखते थे, रचनाएं मनोज जायसवाल संपादक सशक्त हस्ताक्षर कांकेर छ.ग.
(मनोज जायसवाल) -भंडारीपारा कांकेर में आज भी वह पत्थर मौजूद जहां बैठकर लिखते थे रचनाएं। – कांकेर स्थित ऐतिहासिक नरहरदेव स्कूल में थे अध्यापक पदुमलाल पुन्नालाल बख्शी का जन्म 27 मई, 1894, राजनांदगांव, छत्तीसगढ़, भारत में हुआ था। इनके पिता…
‘एक नहीं खुद भुगतोगे सात पीढ़ी’ मनोज जायसवाल संपादक सशक्त हस्ताक्षर कांकेर छ.ग.
(मनोज जायसवाल) अपने अहम अपनी ताकत और प्रभाव के चलते हमेशा यह ख्याल रखना कि तुम्हारे चलते किसी का भी आशियाना न टूटे। भौतिक रूप से तो और भी सोचना भी नहीं। खुद को सुरक्षित रख कर दूसरों के परिवार…
‘लालची शिक्षक को पत्नी का तलाक’हरहर शम्भू कुमार चौधरी (एम जे) मुख्य संपादक (सारांश दैनिक)राउरकेला
(हर हर शम्भु) ”समाज” में ऐसा देखने मिलता है,कि किसी व्यक्ति को यदि अचानक पैसा या पद मिल जाय तो वह कैसे उछलने लगता है,जिनके सामने दुनियां बौनी लगती है। इसके साथ ही इनकी लालसा और भी बढ जाती है …
तलाक-”बेटी आबाद रहना”मनोज जायसवाल संपादक सशक्त हस्ताक्षर कांकेर छ.ग.
(मनोज जायसवाल) ‘तलाक’ यानि ‘संबंध विच्छेद’ के त्वरित मामलों में जिस तरह लड़के एवं लड़की तथा परिवार के बीच भरी समाज में इस कटूता के साथ अलग होते हैं, कि उनका ये कुछ दिन का वैवाहिक संबंध महज एक ”ड्रामा”…
जो प्रेम को जानत,वो प्रेमी क्यों होय…मनोज जायसवाल संपादक सशक्त हस्ताक्षर,कांकेर छ.ग.
-पति पत्नी दोस्त की तरह होना चाहिए पर……. (मनोज जायसवाल) कहना होता है कि पति पत्नी को जीवन में एक अच्छे दोस्त की तरह होना चाहिए। लेकिन यदि लोगों के कहे इस बात को लिया जाये, लेकिन समाज में ऐसा…























