‘सामाजिक सत्ता में विपक्ष की ताकत’मनोज जायसवाल संपादक सशक्त हस्ताक्षर,कांकेर छ.ग.
(मनोज जायसवाल) सामाजिक सत्ता की लड़ाई में सत्ता से भी ज्यादा ताकतवर यदि कोई होता है तो वो है विपक्ष! सामाजिक सत्ता की दीवार उस दिन से कमजोर पड़ना शुरू हो जाता है,जिस दिन से शीर्ष नेतृत्व अपनी मनमानी प्रारंभ…
‘मौकापरस्तों की समाज में रवानी’ मनोज जायसवाल संपादक सशक्त हस्ताक्षर कांकेर छ.ग.
(मनोज जायसवाल) चाहे सामाजिक सत्ता हो या सियासी सत्ता! मौकापरस्तों की रवानी दोनों में दिखायी देता है। जो किसी एक पक्ष के हार की बद्दुआएं देता रहा, जो उक्त प्रत्याशी के हार के लिए आमजन के सामने नकारात्मक बातों को…
समाजः ‘हम सवालों के साथ रहेंगे’ मनोज जायसवाल संपादक सशक्त हस्ताक्षर छ.ग.
(मनोज जायसवाल) किसी बड़े वीआईपी नेता,उच्चाधिकारी द्वारा अपने कार,हेलीकॉप्टर में बिठा देने,सभा मंच पर नाम उच्चारण कर देने, फोटो खिंचवा देने, आंचलिक समाचार पत्र की सुर्खियों उपस्थितजनों की कड़ी में नाम छप जाने आदि भर से आपकी महानता तय नहीं…
सामाजिक सत्ता रूतबे का क्या? मनोज जायसवाल संपादक सशक्त हस्ताक्षर कांकेर छ.ग.
(मनोज जायसवाल) सत्ता चाहे सियासी हो या सामाजिक! हासिल होने के बाद समय नहीं लगता अपनी भावनाओं,विचारों को परिवर्तित होने में। उन्हें पता है, यह वो वक्त है,जब हमें झुकना है। सामाजिकता की मीठी-मीठी बातें करना है। जिस अंतिम व्यक्ति…
समाजः’स्वच्छंदता के नाम नग्नता’ मनोज जायसवाल संपादक सशक्त हस्ताक्षर कांकेर छ.ग.
(मनोज जायसवाल) – स्वतंत्रता का प्रयोग गलत अर्थों से किए जाने की सजा मिलेगी जरूर। स्वच्छंदता के नाम पर तो तुमने अपनी संस्कार को भी भूला दिया। ऐसा भूला दिया कि परिवार के संस्कार क्या होते हैं,रिश्तों का सम्मान किस…
प्रेस की स्वतंत्रता राजनीतिक महात्वाकांक्षा कितनी?मनोज जायसवाल संपादक सशक्त हस्ताक्षर छ.ग.
(मनोज जायसवाल) आज तो हम छोटे बैनर बडे बैनर में मतभेद पाले बैठे हैं। उनके साथ न रहना। उन्हें फर्जी कहना जैसी कई बातें हैं जो मत ही नहीं पल पल मनभेद करा रही है। बची बात स्वतंत्रता की तो…
ज्येष्ठ मास में ज्येष्ठ संतानों का विवाह क्यों नहीं? मनोज जायसवाल संपादक सशक्त हस्ताक्षर छ.ग.
(मनोज जायसवाल) हिंदु धर्म में 16 संस्कार बताए गए है, इसमें विवाह संस्कार काफी महत्वपुर्ण है। हिंदु धर्म में रामनवमी,अक्ती लगन में धार्मिक मान्यता मुताबिक काफी मात्रा में शादियां होती है। यह सर्वथा विदित है कि विवाह संस्कार ग्रह नक्षत्र…
‘बच्चों को संस्कार देनें में परिजनों का श्रेष्ठ स्थान होता है’ मणिशंकर दिवाकर अधिवक्ता,साहित्यकार बेमेतरा(छ.ग.)
(मणिशंकर दिवाकर) अपने जीवन काल में हम कुछ ना कुछ सिखते और सिखाते रहते हैं, यह सत्य है दुनिया में लोग अपने अपने धर्म नीति नियम वेशभूषा और अपने रहन सहन के परिवेश में रहते है। और अपने अनुकूल रोजी…
‘सामाजिक सत्ता चुनाव की गर्माहट’ मनोज जायसवाल संपादक सशक्त हस्ताक्षर छ.ग.
-चुनावी प्रचार-प्रसार में आयी तेजी। निरंतर संपर्क बनाये हुए हैं,प्रत्याशी। अध्यक्ष पद के लिए कांटे की टक्कर की संभावना। (मनोज जायसवाल) नित मौसम में बदलाव हो रहे हैं। हाल की बात करें तो जहां कोंडागांव में बारिश हो रही है,वहीं…
”युवाओं को शिक्षा पर विशेष रुचि लेना चाहिए” दिलेश्वर बाजपेयी (अधिवक्ता) साहित्यकार दुर्ग छ.ग.
(दिलेश्वर बाजपेयी) आज जिस समुदाय परिवार में या कहाँ जाये जिस देश राज्य में हो पूरे समूचे में विश्व में शिक्षा को ही उत्तम और विशेष दर्जा दिया जाता है। आजकल युवा साथियों में पढ़ाई की रुचि न्यूनतम होती जा…























