पति की मौत का गम नहीं श्री मनोज जायसवाल,संपादक सशक्त हस्ताक्षर कांकेर, छ.ग.
पति की मौत के बाद तो वैसे भी यह बड़ा जीवन किसी औरत के लिए बे रसीली हो जाती है। लंबा जीवन है,जिसे पूरी सादगी के साथ अपने बच्चों की खातिर मर मर कर जीना है। धरातलीय सच यह भी…
समाजसेवक नहीं समाज प्रतिनिधि कहिये श्री मनोज जायसवाल संपादक सशक्त हस्ताक्षर कांकेर छ.ग.
समाजसेवक कहने की अपेक्षा तो इन्हें आप समाज के प्रतिनिधि ही कह लेते तो ही ठीक है। वैसे प्रतिनिधि कह लेने भर से भी इनका सम्मान तो उतना ही मिलना है। ऐसा इसलिए कि जिस प्रकार से नेता आपको घोषणा…
हर क्षेत्र अव्वल कलार समाज के युवाओं की सहभागिता
एक समय गांव गांव देशी तरीके से शराब बनाने से लेकर बिक्री किये जाने वाले अपनी मूल व्यवसाय को लेकर प्रसिद्वि में रहे समाज आज वह सब त्याग कर विकास की ऐसी धारा में पदार्पण कर विकास की नई इबारत…
‘नरहरदेव’ शिक्षा जगत को समर्पित कांकेर छ.ग. की प्रमुख संस्था
‘छत्तीसगढ़’ राज्य में बस्तर का प्रवेश द्वार कहे जाने वाले अतीत में कंड्रा राजा की नगरी कांकेर में स्थित ऐतिहासिक नरहरदेव स्कूल भवन राष्ट्रीय स्तर पर किसी पहचान का मोहताज नहीं है। बस्तर आने वाले सैलानी जरूर इस भवन का…
‘आत्मनिर्भरता के साथ सम्मान की चाह’श्रीमती आरती जायसवाल कथाकार,समीक्षक,साहित्यकार रायबरेली,उ.प्र.
साहित्यकार परिचय– श्रीमती आरती जायसवाल जन्म – बिकई, बम्हनपुर, एन टी पी सी ऊंचाहार रायबरेली, उत्तर प्रदेश माता -पिता –श्रीमती फूलकली श्री कृष्णलाल जायसवाल शिक्षा – स्नातकोत्तर हिन्दी साहित्य (इलाहाबाद विश्वविद्यालय )पी.जी.डी.एन.वाय.डॉ.सी.वी.रमन यूनिवर्सिटी, छत्तीसगढ़ प्रकाशन- प्रथम प्रकाशित कृति- कहानी संग्रह,परिवर्त्तन…
‘हर प्रदेश के लोग मिलेंगे बस्तर में’ श्री मनोज जायसवाल संपादक सशक्त हस्ताक्षर छ.ग.
लखनपुरी,चारामा,कांकेर बस्तर संभाग का ऐसा जगह है,जहां पर देश के अमुमन जगहों के नागरिक मिल जायेंगे। लखनपुरी,चारामा जैसे जगहों पर कोई युपी,बिहारी वाले लोग कहीं ठेले खोमचे तो कहीं बड़े स्तर पर भी व्यवसाय कर रहे हैं। कई लोग तो…
महा शिवरात्रि क्यूँ मनायी जाती है ?श्रीमती झरना माथुर साहित्यकार,देहरादून उत्तरांचल
माना जाता है कि महाशिवरात्रि के दिन भगवान शिव और पार्वती का विवाह हुआ था। शास्त्रों की मानें तो महाशिवरात्रि की रात ही भगवान शिव करोड़ों सूर्यों के समान प्रभाव वाले ज्योतिर्लिंग के रूप में प्रकट हुए थे। इसके बाद से हर साल फाल्गुन मास के…
”जोहार हो, कलार गौटिया” मनोज जायसवाल,संपादक ‘सशक्त हस्ताक्षर’ कांकेर छ.ग.
(मनोज जायसवाल) पहले भी कलार समाज समृद्ध रहा है,पर आज कालान्तर से ज्यादा समृद्ध सुखी एवं खुशहाल है। अतीत से ही कलार समाज में एकता की मिसाल रही है,पूर्व समाज सेवकों की भावनाएं आज भी अक्षुण्ण रह पाई है। सच…
”उत्तराखंड के होली गीतों की विविधता”श्रीमती झरना माथुर, साहित्यकार,कवयित्री,गायिका देहरादून उत्तरांचल
होली एक ऐसा रंगबिरंगा त्योहार है, जिस हर धर्म के लोग पूरे उत्साह और मस्ती के साथ मनाते हैं। प्यार भरे रंगों से सजा यह पर्व हर धर्म, संप्रदाय, जाति के बंधन खोलकर भाई-चारे का संदेश देता है। इस दिन…
‘नहीं मानने वाले भी अंत में साई भक्त बने’ श्री मनोज जायसवाल संपादक सशक्त हस्ताक्षर छ.ग.
बहूत निगेटिव बात करते थे ना! श्रीसत्य साई बाबा पर। कुछ चैनलों ने तो बौछार लगाई। ना जाने क्या कुछ नहीं कहा गया। मानव जीवन में भक्तों के प्रति चमत्कार की छोड़ बाहरी चमत्कारों पर अनेकानेक बातें कही गई। लेकिन…






















